4 नवंबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

video : दीवारों से मिलकर रोना अच्छा लगता है.. उदयपुर में पंकज उधास ने अपनी गजलों से जमाया रंग

www.patrika.com/rajasthan-news
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

उदयपुर

•

image

Madhulika Singh

•

Updated: 29 Sep 2018, 4:31 PM IST

pankaj udhas

video : दीवारों से मिलकर रोना अच्छा लगता है.. उदयपुर में पंकज उधास ने अपनी गजलों से जमाया रंग

उदयपुर. सृजन द स्पार्क संस्था द्वारा हिन्दुस्तान जिंक के सहयोग दो दिवसीय 'जश्न-ए-परवाज' कार्यक्रम का आगाज शुक्रवार को भारतीय लोककला मण्डल के मुक्ताकाशी मंच पर हुआ। इस दौरान एक ओर जहां शहर के संगीत रसिकों ने देश के ख्यात गजल गायक पंकज उधास की पुरसोज गायकी का लुत्फ उठाया। वहीं, दूसरी ओर वे इस वर्ष के हिन्दुस्तान जिंक सृजन पुरस्कार के एेसे पल के साक्षी भी बने, जिसमें प्रसिद्ध संगीतकार आनन्द-मिलिन्द को नवाजा गया। इस मौके पर बॉलीवुड के वरिष्ठ गीतकार योगेश को भी सृजन 2018 लाइफ टाइम एचीवमेंट अवार्ड दिया गया। दोनों को पुरस्कार स्वरूप एक लाख रुपए की राशि प्रदान की गई।

इस मौके पर मुख्य अतिथि हिजिंलि के सीईओ सुनील दुग्गल, सीओओ अमिताभ गुप्ता, विशिष्ठ अतिथि ख्यात गजल गायक जोड़ी अहमद हुसैन-मोहम्मद हुसैन, बाल्को कंपनी के सीईओ विकास शर्मा, माइक्रोमेक्स कंपनी के संस्थापक निदेशक राजेश अग्रवाल, राजेश केसवानी व हिजिंलि के कोरपोरेट हेड पवन कौशिक उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरूआत पंकज उधास ने गजल 'दिल धड़कने का सबब याद आए...' से की। उसके बाद केसर जाफरी का कलाम 'दीवारों से मिलकर रोना अच्छा लगता है..'तथा 'सब को मालूम है मैं शराबी नहीं...' जैसी पॉपुलर गजलें सुनाकर खूब तालियां बटोरी। इस दौरान ढोलक, तबला, बांसुरी और केसियो पर बैठे संगतकारों ने पंकज उधास सहित आनन्द मिलिंद की जोड़ी के गाए 'पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा.. ' को लयकारी में बांधकर श्रोताओं की दाद पाई। कार्यक्रम के दौरान सभागार में मौजूद श्रोताओं की मांग पर भी गीत-गजलों के दौर चले।

READ MORE : राजस्‍थान का रण : सूरत-मुम्बई से तय होती है गोगुन्दा में जीत-हार, परदेश जाकर दावेदार कर रहे जनसंपर्क

ये भी हुए सम्मानित

उसके बाद चेयरमैन जीआर लोढ़ा सहित पूर्वाध्यक्ष श्याम एस सिंघवी व संरक्षक प्रसन्न कुमार खमेसरा ने राजस्थान सहित देश में साहित्य, संगीत एवं कला के लिये अपना बहुमूल्य योगदान देने वाले 7 अन्य व्यक्तियों एवं संस्थाओं को भी सम्मानित किया। इसमें सृजन अमीर खुसरो अवार्ड नई दिल्ली के गालिब इंस्टीट्यूट को, सृजन वीडी पालुस्कर अवार्ड चित्तौडग़ढ़ की मीरा कला संस्थान, सृजन खेमचंद प्रकाश अवार्ड दुबई के कस्तुब पिंगल को, सृजन औंकारनाथ ठाकुर अवार्ड मुंबई के पण्डित भवदीप जयपुरवाले, सृजन नंदलाल बोस अवार्ड उदयपुर के रियाज तहसीन को तथा मास्टर मदन अवार्ड जावरा मध्यप्रदेश के अहमद रजा पप्पन को दिया गया।