
मेनार स्थित खेतों में अंतिम दौर में बुवाई करते किसान
मेनार. जिले सहित ग्रामीण अंचल में रबी फसल बुवाई का अंतिम दौर जारी है। किसान रात-दिन एक कर खेतों की बुवाई में लगे है। जिले के अधिकांश इलाकों में 90 फीसदी से अधिक बुवाई हो चुकी है। वल्लभनगर उपखण्ड क्षेत्र के गांवों में भी किसानों ने रबी फसलों में मुख्य गेहूं की बुवाई हो चुकी है। रबी की मुख्य फसल मानी जाने वाली गेहूं की बुवाई 15 नवंबर के बाद शुरू हो जाती है, जो दिसंबर अंत तक की जाती है, फिर 135 से 140 दिनों में पकने के बाद मार्च, अप्रैल तक गेहूं की कटाई की जाएगी।
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस बार गेंहू बुवाई का लक्ष्य 10 हजार हेक्टेयर के करीब रखा गया है, जिसमें साढ़े 8 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बुवाई हो चुकी है। इस बार दालों में अच्छी आमद की संभावना से किसान रबी की खेती की ओर आकर्षित हुए है। इस बार रबी में चना की बहुतायत से बुवाई हुई है। सर्दी ऋतु में पर्याप्त नमी और आर्द्रता से चने की फसल तैयार होने के लिए एक-दो सिंचाई की जरूरत पड़ती है। किसानों ने बताया कि मेनार माल क्षेत्र के खेतों की चिकनी, दोमट मिट्टी चने की बुवाई लिए अति उत्तम जमीन है।
वहीं, इस वर्ष क्षेत्र में मानसून के अंतिम चरण सितंबर में भी बरसात हुई, जिससे खेतों की जमीन में पर्याप्त नमी बनी हुई है। इधर, फसल बुवाई के बाद परिस्थितियों के मुताबिक सर्दी ने भी समय पर दस्तक दी है, इसके फलस्वरूप रबी बुवाई के बाद मौसम भी किसानों के पक्ष मेंं बना हुआ है। क्षेत्र में जिन किसानों ने अगेती फसल की बुआई की थी। वे अब फसल की निराई-गुड़ाई कर रहे है। सरजना बांध से वल्लभनगर तहसील के 19 गांवों में 7 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जाती है, जिसमें धमानिया, नवानिया, किकावास, रणछोड़पुरा आदि गांव है। वल्लभनगर नोडल क्षेत्र में विभाग द्वारा बुवाई लक्ष्य 18817 हेक्टेयर रखा गया है, जिसमें से 18728 हेक्टेयर पर बुवाई हो चुकी है। तारावट और महुडिया आदि पानी भराव वाले गांव में बुवाई शेष है।
महंगाई ने इस बार फिर दलहनी, तिलहनी फसलों की खेती के प्रति किसानों की दिलचस्पी बढ़ा दी है। वर्तमान में चालू रबी बुवाई सीजन में दलहनी और तिलहनी फसलों की बुवाई का रकबा बढ़ा है। किसानों ने खासतौर से चना की बुवाई ज्यादा की है। रबी दलहनी फसलों का रकबा पिछले साल के मुकाबले इस बार ज्यादा है। वहीं, कृषि विभाग के प्रस्तावित लक्ष्य से भी इस बार 550 हैक्टेयर में चने की बुवाई अधिक हुई है। सरसों 300 हेक्टेयर क्षेत्र में ज्यादा बुवाई हुई है। हालांकि तय लक्ष्य के अनुसार गेहूं का रकबा 1500 हेक्टेयर के करीब घटा है।
फसल अब तक बुवाई-वर्ष 2024
1. गेहूं 8500
2. सरसों 1500
3. जौ 1900
4. चना 5050
5. तारामीरा 02
6.अलसी 01
7. हरा चारा 500
8. मेथी 1100
9. धनिया 50
10. अन्य 70
11. लहसुन 05
12. अन्य फसलें 50
इस वर्ष रबी की फसलों का बुवाई लक्ष्य 19 हजार हेक्टेयर (90 हजार बीघा) भूमि के करीब रखा गया है। जिसमें से 10 दिसंबर तक 18728 हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हो चुकी है। बुवाई के बाद अब फसल अंकुरित होकर खेतों में दिखाई देने लगी है। अनुमानित 125 हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बुवाई होना शेष है, जो आगामी 20 दिसंबर तक पूर्ण हो जाएगी।
-उदयराम मेघवाल, नोडल अधिकारी, कृषि विभाग, वल्लभनगर
Published on:
12 Dec 2024 12:37 am
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