आखिरकार 13 साल बाद हुआ राणा पूंजा की प्रतिमा का अनावरण, पारम्परिक वाद्य यंत्रों थाली, मादल व ढोल बजाते व नाचते हुए पहुंचे भील समाज के लोग

महाराणा प्रताप की सेना में अहम भूमिका निभाने वाले राणा पूंजा की प्रतिमा का आखिरकार 13 साल सोमवार को अनावरण हो गया।

महाराणा प्रताप की सेना में अहम भूमिका निभाने वाले राणा पूंजा की प्रतिमा का आखिरकार 13 साल सोमवार को अनावरण हो गया। गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया ने शहर के रेती स्टेंड चौराहा पर स्थापित प्रतिमा का अनावरण करने के बाद कहा कि प्रताप ने आजादी की लड़ाई में सभी समाज के योद्धा साथ रहे। इसमें एक राणा पूंजा भी थे। आने वाली पीढ़ी को यह जानकारी मिल सके।



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समारोह में प्रभारी मंत्री धनसिंह रावत, सांसद अर्जुन मीणा, विधायक फूलसिंह मीणा, अमृत मीणा व महापौर चंद्रसिंह कोठारी, प्रन्यास अध्यक्ष रवींद्र श्रीमाली, चुन्नीलाल गरासिया सहित कई पार्षद मौजूद रहे।


एेसी लगी प्रतिमा


समारोह में पार्षद पारस सिंघवी ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि पूर्व पार्षद भैरूलाल मीणा ने वर्ष 2004 में रेती स्टैंड चौराहा पर राणा पूंजा की प्रतिमा लगाने का प्रस्ताव रखा। निगम के पिछले बोर्ड में इसको बनाने का आर्डर हुआ और निगम के वर्तमान महापौर चंद्रसिंह कोठारी ने इस कार्य को प्राथमिकता से लिया। 15 टन वजनी प्रतिमा 13 फीट ऊंची है। इसके निर्माण पर 9 लाख रुपए की लागत आई।


पारंपरिक वाद्य यंत्र से आए


समारोह में भील समाज के लोग अपने पारम्परिक वाद्य यंत्रों थाली, मादल व ढोल बजाते व नाचते हुए पहुंचे। गृह मंत्री ने कुछ देर इनको निहारा। इनमें से कुछ लोग हाथों में तीर कमान लिए हुए थे।


फोटो की लगी होड़


अनावरण से पूर्व भाजपा के कई पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं में प्रतिमा के साथ फोटो खिंचवाने की होड़ मच गई। मंच से कई बार अपील के बावजूद वे वहां से नहीं हटे। एेसे में कटारिया को भी अनावरण के बाद मंच पर आने के लिए दूसरे रास्ते ढूंढना पड़ा।

madhulika singh Reporting
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