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Sohrabuddin-Tulsi Encounter : पुलिस से जान का खतरा था तुलसी को, सुरक्षा के लिए पेश क‍िए थे परिवाद

पुलिस कस्टडी में अधिवक्ता मुंबई की सीबीआई कोर्ट में पेश
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मो.इल‍ियास/ उदयपुर . बहुचर्चित सोहराबुद्दीन-तुलसी एनकाउंटर प्रकरण में बुधवार को तुलसी ? के अधिवक्ता सलीम खान ने मुम्बई सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में बयान दिए कि गिरफ्तारी के बाद तुलसी ने उसे (अधिवक्ता को) पुलिस से स्वयं को खतरे की बात कही थी और सुरक्षा के लिए उसने जिला न्यायालय में दो परिवाद भी पेश किए थे। खां ने दोनों परिवाद बयानों के दौरान न्यायालय में पेश किए। इससे पूर्व अधिवक्ता खां की ओर से सुरक्षा मांगने पर उन्हें पुलिस कस्टडी में सशस्त्र जवान मुंबई कोर्ट लेकर पहुंचे।अधिवक्ता खां ने बताया कि उदयपुर पुलिस उपाधीक्षक सुधीर जोशी व भंवरसिंह हाड़ा की टीम ने तुलसी प्रजापति को 29 नवम्बर, 2005 को भीलवाड़ा के आजादनगर से पकड़ा था। गिरफ्तारी व रिमांड के बाद आजम ने उसे फोन कर हमीद लाला हत्याकांड में तुलसी की पैरवी करने के लिए कहा था। इस सिलसिले में वह तुलसी से मिला। एक बार उसने पेशी पर कोर्ट में बताया कि मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान व गुजरात पुलिस कभी भी उसका एनकाउंटर कर सकती है। चारों राज्यों की पुलिस से उसे जान का खतरा है। इस संबंध में तुलसी की ओर जिला न्यायालय मे दो परिवाद पेश किए गए। इन दोनों परिवादों की पत्रियां अधिवक्ता खान ने मुंबई कोर्ट में पेश की। खां ने बयानों में यह भी बताया कि तुलसी ने उससे कहा था कि सोहराबुद्दीन को उसकी सूचना से ही पुलिस ने गुजरात में पकड़ा था।


यह लिखा था तुलसी ने परिवाद में
तुलसी ने परिवादों में लिखा कि उदयपुर केन्द्रीय कारागृह में वह हमीद लाला हत्याकांड के मामले में विचाराधीन बंदी है। उसे झूठा फंसाया गया है। रिमांड के दौरान गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान व मध्यप्रदेश पुलिस उसे जान से मारने की साजिश कर रही थी। वे कह रहे थे कि इसे गायब कर 5-7 जवानों को सस्पेंड कर देंगे फिर इनाम रखकर एनकाउंटर कर देंगे। ये बताएंगे कि पुलिसकर्मियों से हथियार छीनने के दौरान जवानों की मुठभेड़ में मारा गया। यह भी कहा कि तुझे कोई भी मुकदमे में किसी भी बयान में जेल से निकालकर ले जाएंगे और इंजेक्शन देंगे, जिससे तू जिंदगी के लिए तरसेगा और तड़पेगा। रिमांड में भी मेरा सीधा पैर फेक्चर कर दिया और मुझे दर्द निवारक इंजेक्शन लगाए गए थे। अत: पुलिस को हिदायत दी जाए कि मामले में कहीं पर भी पेशी पर ले जाए तो वह सही सलामत लेकर आए।

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बस सवार मंजू आपटे के भी हुए बयान
मुंबई की सीबीआइ कोर्ट में खान के अलावा सांगली महाराष्ट्र निवासी मंजू शाह आपटे के भी बयान हुए। मंजू ने बताया कि 2005 में अपने परिवार के साथ उस बस में सफर कर रही थी, जिसमें सोहराबुद्दीन व उसके साथ महिला सवार थी। मंजू ने बयानों में कहा कि कौसर व उसके साथ तथाकथित महिला पास वाली सीट पर बैठे थे। रास्ते में उसे नींद आ गई। फिर उन्हें पता नहीं वो कहा गए। मंजू से पूर्व उसके श्वसुर शरद आपटे, पति अमित आपटे के बयान हो चुके हैं।