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पैंथर को पकड़ऩे के लिए 8 पिंजरे, 11 कैमरे, दो ड्रोन लगाए

संभाग सहित जयपुर की टीम जुटी है खोज में
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उदयपुर

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Surendra Singh Rao

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Updated: 4 Jul 2021, 6:08 PM IST

To catch the panther, 8 cages, 11 cameras, installed two drones

पैंथर को पकड़ऩे के लिए 8 पिंजरे, 11 कैमरे, दो ड्रोन लगाए

जावर मांइस (उदयपुर). केवड़ा वन नाका में आदमखोर बने पैंथर को पकडने के लिये वन विभाग ने पूरा जोर लगा रखा है। लेकिन पैंथर अभी वन विभगा की नजरों से दूर है। पैंथर की खोज में विभाग ने विभिन्न स्थानों पर ८ पिंजरे, ११ कैमरे और दो ड्रोन लगा रखे हैं। सराड़ा रेंजर सुरेन्द्र ङ्क्षसह ने बताया कि उदयपुर, राजसमंद, चित्तोडग़ड़ एवं जयपुर की टीम पैंथर को टे्रंकुलाइज करने में दिनरात लगी है। चारों टीमों के कार्मिक वॉकीटॉकी से एकदूसरे के सम्पर्क में हैं।
ड्रोन से खंगाल रहे वनक्षेत्र
दो ड्रोन कैमरे से वन क्षेत्र को खंगाला जा रहा है। एक ड्रोन पुलिस का है। दूसरा विभाग का।
परसाद, सलुम्बर उदयपुर, सराड़ा वन विभाग की टीमों के ६० सदस्य पिंजरों की देख रेख के साथ वन क्षेत्र में गस्त कर रहे हैं। ग्रामीणों को रात्रि में घरों में सोने व मवेशियों को घरों में बाधंने की अपील की जा रही है।
जयपुर से डाक्टर अरविन्द कुमार जिन्होने ६० पैंथरों को टे्रकूलाईज करने में सहयोग किया है, वे पैंथर के जीवन शैली को अच्छे से समझने के कारण जानकार माने जाते है एवं गिनीजबुक ऑफ इण्डिया में अपना नाम दर्ज करा चुके हैं। उन्होंने बताया कि वन क्षेत्र पहाड़ी व दुर्गम होने से पैंथर को खोजना मुश्किल जरूर है पर नामुमकि न नहीं। शुक्रवार शाम के समय रेलवे टे्रक के पास की पहाड़ी पर पैंथर के दिखाई देने पर ग्रामीणों ने सरपंच गौतमलाल मीणा को सूचना दी। सरपंच ने वन विभाग को बताया। इस पर वन विभाग की टीम मौके पर गई तब तक पैंथर वहां से चला गया।
बड़ा वनक्षेत्र होने से ज्यादा समस्या
परसाद वन रेंज के टोकर गांव से उदयपुर, बांसवाड़ा सड़क पर हल्दीघाटी तक व जयसमंद से पराई तक पहाड़ों में फैला है। सराड़ा वन क्षेत्र २७ हजार हैक्टर में फैला हुआ है। रेंजर ने बताया कि पहाडों पर बारिश के कारण वन सपंदा के फ लने फू लने से पैथर को ढूढऩे में समय लग रहा है। इसके अलावा पहाडों पर सैकडों की संख्या में दर्रे होने से पैंथर को आसानी सेे आश्रय मिल जाता है।
सहायक वन संरक्षक सुशील सैनी ने बताया कि पैंथर द्वारा जितनी भी घटना को अंजाम दिया है वहां पर वन विभाग की टीम गश्त कर रही है। एक हाई रेंज की लाइट भी लगाई गई है। शुक्रवार को सराडा उपखण्ड अधिकारी ववन विभाग के अधिकारियों ने सरपंंच सिंघटवाड़ा गौतमलाल मीणा व नेवातलाई सरपंच किशनलाल के साथ वार्ता की।