प्रताप कुमारी ने बताया कि पिता ने बिजली का कनेक्शन करवाया था, वे थे तब तक बल्ब जलाते थे, लेकिन उनकी मौत के बाद बिजली का बिल हम नहीं भर पाए। तब से हमने लाइट जलाना बंद कर दिया। अगर लाइट चालू करें तो बिल कहां से दें ? मजदूरी से मिलता है, उससे घर खर्चा भी पूरा नहीं चल पा रहा है। अभी तक 1700 रुपए का बिल बकाया है।