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उदयपुर. कुत्ते के काटने (डॉग बाइट) के बाद अस्पताल पहुंचकर पहला टीका लगवाने के साथ ही मरीज यह न मानें कि रेबीज से बचाव पूरा हो गया। असली सुरक्षा इसके बाद तय तारीख पर लगने वाले हर टीके से पूरी होती है। कई बार पहला टीका लगवाने के बाद मरीज अगली तारीख भूल जाते हैं या घाव ठीक होने पर आगे का उपचार जरूरी नहीं समझते। यही लापरवाही रेबीज से बचाव की पूरी प्रक्रिया को अधूरा कर सकती है। विश्व रेबीज दिवस पर एमबी अस्पताल में सामने आए आंकड़े बताते हैं कि कुत्तों के काटने के मामले बड़ी संख्या में सामने आ रहे हैं।
डॉग बाइट के बाद मरीज को चिकित्सक की सलाह के अनुसार पूरा टीकाकरण करवाना जरूरी है। पहले टीके के बाद अगली तारीख वैक्सीन कार्ड पर लिखवाने के साथ मोबाइल में भी दर्ज की जा सकती है। इससे अगली खुराक छूटने की आशंका कम होगी। रेबीज से बचाव में कौन सा टीका कितनी बार और किस अंतराल पर लगाया जाएगा, यह मरीज की चोट और चिकित्सकीय स्थिति के अनुसार तय होता है। डॉग बाइट के तुरंत बाद घाव को साबुन और बहते पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए और जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचना चाहिए। गंभीर चोट या गहरे काटने की स्थिति में चिकित्सक जरूरत के अनुसार टीके के साथ रेबीज से बचाव के लिए विशेष प्रतिरक्षी दवा देने का निर्णय कर सकते हैं।
99% मामलों में कुत्ते से जुड़ा संक्रमण
आरएनटी मेडिकल कॉलेज एंटी रबीज क्लिनिक के डॉ. भारती ने बताया कि इंसानों में रेबीज के 99% तक मामलों में संक्रमण का
/स्रोत कुत्ते होते हैं। इसलिए डॉग बाइट को मामूली चोट मानकर छोड़ना जोखिम भरा हो सकता है। समय पर घाव की सफाई, चिकित्सकीय जांच और डॉक्टर की सलाह के अनुसार पूरा टीकाकरण रेबीज से बचाव की मुख्य कड़ी है। हालांकि रेबीज का सबसे बड़ा स्रोत कुत्ते हैं, लेकिन संक्रमित बिल्ली, बंदर, लोमड़ी, सियार, नेवला और चमगादड़ जैसे अन्य स्तनधारी जानवर भी संक्रमण का कारण बन सकते हैं।
2026 : आठ महीने में इतने मरीज पहुंचे
महीना डॉग बाइट मामले
जनवरी 730
फरवरी 578
मार्च 575
अप्रेल 610
मई 644
जून 582
जुलाई 546
अगस्त 526
कुल 4791
अस्पताल में टीके और दवाओं का स्टॉक
एमबी अस्पताल के उपलब्ध रिकॉर्ड में वर्ष 2026-27 के दौरान 19,150 रेबीज टीके प्राप्त हुए। इनमें से 17,000 जारी किए गए और 2,150 का स्टॉक है। वहीं रेबीज एंटीसीरम के 5,750 प्राप्त होने, 5,000 जारी होने और 750 के स्टॉक है। गंभीर मामलों में उपयोग होने वाली एचआरआइजी की 3,500 मात्रा प्राप्त, 2,700 जारी और 800 का स्टॉक है।
Updated on:
28 Sept 2026 05:58 pm
Published on:
28 Sept 2026 05:58 pm
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