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उदयपुर: पूरा करेंगे 3900 आशियानों का सपना,  यूआईटी ने चार प्रोजेक्ट किए प्रस्तावित, अब मांगेंगे आवेदन

उदयपुर . शहर में आशियाने के लिए सरकारी योजना का इंतजार कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है कि यूआईटी अब चार स्थानों पर 3900 घर बनाने जा रही है।
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उदयपुर

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Mukesh Hingar

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Updated: 21 Nov 2017, 9:56 AM IST

UIT 3900 houses in udaipur

उदयपुर . शहर में आशियाने के लिए सरकारी योजना का इंतजार कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है कि यूआईटी अब चार स्थानों पर 3900 घर बनाने जा रही है। इस परियोजना को लेकर जल्द ही आवेदन मांगे जाएंगे। साथ ही शहर में यातायात व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए रोड नेटवर्क प्रोजेक्ट तैयार किया गया है जिस पर जल्द कार्य शुरू होगा। यूआईटी पीएम आवास के आवेदनों की जांच पूरी होने के बाद अब अगली प्रक्रिया शुरू की जाएगी।


यूआईटी चेयरमैन रवीन्द्र श्रीमाली ने सोमवार को यूआईटी सभागार में अपने कार्यकाल को एक साल पूरे होने का लेखा-जोखा रखते हुए बताया कि गरीबों को घर दिलाने को लेकर चार स्थानों पर मकान बनाने का प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री जन आवास योजना के तहत लिया जा रहा है, इसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है और जल्द लॉटरी निकाली जाएगी। उन्होंने कहा कि जो भी मकान हमारी ओर से बनाए या बनवाए जा रहे है उनकी गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि राजस्थान में यूआईटी उदयपुर ने सर्वाधिक 1584 पट्टे जारी किए हैं।

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तेजी नहीं तो असर यूआईटी पर भी
यूआईटी की दो सालों में आय में कमी के सवाल पर यूआईटी सचिव रामनिवास मेहता ने कहा कि बाजार में तेजी रहती है तो उसका फायदा यूआईटी की आय पर भी होती है। फतहसागर ओवरफ्ïलो के पास संकरे रास्ते को चौड़ा करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मोतीमगरी समिति के साथ चर्चा करेंगे और वे तैयार होंगे तो जरूर उनकी कुछ जमीन को लेकर रास्ता चौड़ा कर देंगे। उन्होंने कहा कि लोगों को हैप्पीनेस माहौल के लिए भी यूआईटी काम करने का प्रयास करेगी।


रूपसागर पर रिंग रोड में अड़चन
मेहता ने कहा कि रूपसागर पर रिंग रोड बनाने को लेकर कई अड़चनें आ रही है लेकिन यूआईटी रूपसागर की पाल पर सौन्द्रर्यकरण के कार्य जरूर करेगी और इसकी योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि शहर में कुछ सडक़ें यूआईटी ने खोल तो दी लेकिन उसमें कुछ टुकड़े अधूरे पड़े जो अच्छी बात नहीं है लेकिन कुछ लोगों ने न्यायालय से स्टे ले रखा है इसलिए लोग परेशान हो रहे हैं।


कार्रवाई तो करते हैं
अतिक्रमण और अवैध निर्माण के सवाल पर सचिव ने कहा कि कोई कितना भी बड़ा और एप्रोच वाला हो, अगर गलत किया है तो कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यूआईटी ने कई कार्रवाइयां की है और कुछ कार्रवाइयां रुकी है तो उसमें कोर्ट केसेज या अन्य कारण हो सकते हैं। इस मौके पर यूआईटी विशेषाधिकारी ओ.पी.बुनकर, भूमि अवाप्ति अधिकारी पुष्पेन्द्र सिंह शेखावत, मुख्य लेखाधिकारी दलपत सिंह राठौड़, अधिशासी अभियंता संजीव शर्मा, अनित माथुर, मुकेश जानी, नीरज माथुर, विधि अधिकारी शंकरसिंह देवड़ा आदि मौजूद थे।

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सिख कॉलोनी में अंडर पास अगले महीने में तैयार
सिख कॉलोनी में एक और अंडरपास बनाने का काम शुरू हो गया है, रेलवे दिसम्बर तक बना देगा, राशि यूआईटी ने दे दी है। द्य ठोकर चौराहा आरओबी के लिए भी 50 फीसादी राशि 7 करोड़ प्रन्यास देगा जो आगामी 2 वर्ष में पूरा होगा और रेलवे जल्द काम शुरू करेगा। द्य पलक वाटिका से राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 76 तक 100 फीट चौड़ी सडक बनाएंगे। द्य अम्बेरी से फतहपुरा चौराहा गौरव-पथ पर सडक़ सुदृढीकरण का कार्य किया जाएगा। द्य दक्षिण विस्तार योजना में सडक़ निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। द्य सुभाष नगर से लेकसिटी मॉल तक प्रस्तावित 60 फीट सडक़ का निर्माण जल्द।

साढ़े तीन करोड़ लीटर गंदा पानी ट्रीट करना
सचिव ने बताया कि आयड़ से प्रतिदिन करीब 5.50 करोड़ लीटर गंदा पानी बहता है और उसमें से दो करोड़ लीटर पानी तो मनवाखेड़ा एसटीपी से ट्रीट किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब बचा साढ़े तीन करोड़ लीटर गंदे पानी को भी ट्रीट करने के लिए अलग-अलग जगह पर नगर निगम, यूआईटी व जिंक मिलकर एसटीपी तैयार कर रहे है।

इन प्राकृतिक स्थलों का भी विकास
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