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संसाधान के बावजूद दो साल बाद भी स्मार्ट नहीं हुआ शहर, यह है समस्या

लेतलाली: स्मार्ट सिटी में योजनाओं के वर्क ऑर्डर होने के बाद भी शहरवासियों को नहीं मिल रहा लाभ
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उज्जैन

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Gopal Swaroop Bajpai

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Updated: 15 Apr 2018, 11:47 AM IST

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उज्जैन. स्मार्ट सिटी की कुछ योजनाएं कागजी बैरिकेड्स पार करने के बाद भी शहर के लिए सब्जबाग बनी हुई हैं। यह ऐसी योजनाएं हैं, जिनकी क्रियान्वयन एजेंसी तक तय हो चुकी है, लेकिन शहरवासियों को इनसे कोई सीधा लाभ नहीं मिल रहा है। खास बात यह कि उक्त योजनाएं छोटे खर्च की हैं, जिन्हें शुरू करने में अधिक समय की जरूरत नहीं है।
केंद्र की स्मार्ट सिटी योजना को लागू हुए करीब दो वर्ष हो चुके हैं। इसके बावजूद इक्का-दुक्का छोटे प्रोजेक्ट को छोड़ दिया जाए तो शहरवासियों को इस योजना से अब तक कोई विशेष सुविधा हासिल नहीं हुई है। यह स्थिति तब है जब स्मार्ट सिटी कंपनी जन सुविधा से जुड़े कुछ अच्छे प्रोजेक्ट की जरूरी कागजी औपचारिकताएं पूरी कर चुकी हैं। इसके बावजूद क्रियान्वयन एजेंसी से प्रोजेक्ट शुरू नहीं करवाए जा रहे हैं। इनमें कुछ प्राजेक्ट्स को लेकर स्थान तय नहीं हो पाए हैं तो कुछ में वैचारिक जुगाली ही चल रही है।

इन प्रोजेक्ट्स के शुभारंभ का इंतजार

शी-लॉउंज योजना : पूरी तरह महिलाओं की सुविधा के लिए बने शी-लाउंज प्रोजेक्ट्स के टेंडर हुए करीब दो महीने हो चुके हैं। इसमें महिलाओं के लिए ऐसा सेंटर बनना है, जहां उन्हें स्वच्छ सुविधाघर के साथ, डे-केयर, दैनिक उपयोग की सामग्री, वेटिंग रूम, सैनेटरी नेपकीन मशीन आदि सुविधाएं मिलेंगी।


इसलिए उलझी : शी-लॉउंज जैसे प्रोजेक्ट की सर्वाधिक जरूरत फ्रीगंज क्षेत्र में है। पूर्व में इसके लिए सेठी बिल्डिंग के नजदीक रिक्त भूमि पर इसके निर्माण का निर्णय लिया गया था। कुछ आपत्ति के चलते अब इसे नानाखेड़ा बस स्टैंड परिसर में शुरू करने की योजना है। दो महीने में स्थान तक तय नहीं होने के कारण प्रोजेक्ट शुरू नहीं हो पाया है।

पब्लिक बाइक शेयरिंग योजना : प्रोजेक्ट में शहरवासियों सहित बाहर से आने वालों को किराए पर साइकिल उपलब्ध होगी। इसके लिए पहले चरण में ३०० साइकिल के लिए शहर के करीब ३० स्थानों पर स्टैंड स्थापित किए जाएंगे, जहां साइकिल ली व जमा की जाएगी। प्रोजेक्ट्स अंतर्गत कुछ साइकिल मेला कार्यालय में आ भी चुकी हैं। पूर्व में ही टेंडर के साथ क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त हो चुकी है।


इसलिए उलझी : करीब दो महीने से क्रियान्वयन एजेंसी साइकिल का प्रदर्शन ही कर रही है। अभी तक ३०० साइकिल सप्लाई नहीं हुई हैं। नगर निगम को स्टैंड के लिए ३० स्थान चयनित करना है जो नहीं हो पाए हैं। ऐसे में महीनों से किराए पर साइकिल सुविधा की योजना का सुन रहे शहरवासी अब भी इससे दूर हैं।

ग्रीन वॉल योजना : सौंदर्यीकरण के लिए कुछ प्रमुख स्थानों पर ग्रीन वॉल का निर्माण होना है। इसमें फूलदार पौधे, बेल आदि से ग्रीन वॉल तैयार होगी। डेढ़ करोड़ रुपए की इस योजना में क्रियान्वयन एजेंसी तय हुए दो माह हो चुके हैं। एजेंसी द्वारा महाकाल क्षेत्र में इसका प्रदर्शन भी किया जा चुका है।

इसलिए उलझी : एक बार प्रदर्शनी के बाद भी अब तक इसके स्वरूप को लेकर अधिकारियों ने अंतिम निर्णय नहीं लिया है। अब मेला कार्यालय में प्रदर्शनी लगेगी। शहर में किन स्थानों पर कैसी ग्रीन वॉल बनेगी, इसका भी कोई निर्धारण नहीं किया गया है।


यह साधारण सुविधाएं भी दूर