उज्जैन. शिप्रा का पानी पेजयल के अलावा अन्य कार्य जैसे उद्योग, सिंचाई आदि के लिए उपयोग नहीं किया जा सकेगा। कलेक्टर संकेत भोंडवे ने पेयजल परीक्षण अधिनियम के तहत शिप्रा नदी के पानी को संरक्षित घोषित कर दिया है। पेयजल या घरेलू उपयोग के अलावा अन्य उपयोग पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ दो वर्ष की सजा या दो हजार का जुर्माना अथवा दोनों भुगतना पड़ सकता है।