
कोरोना काल के बाद पूरे वैभव के साथ परंपरागत मार्ग से निकाली पालकी यात्रा, उमड़ा आस्था का हुजूम, रात 12 बजे जन्म आरती, दिनभर भैरव मंदिरों में छाया उल्लास
उज्जैन. कोरोना काल के बाद बाबा महाकाल के सेनापति की सवारी में भी आस्था का सैलाब उमड़ा। भैरव अष्टमी पर फूलों से लदी हुई पालकी जैसे ही भक्तों के बीच पहुंची, दोनों हाथ जोड़कर जयकारे लगाए और पुष्प वर्षा हुई। दिनभर शहर के विभिन्न भैरव मंदिरों में धार्मिक आयोजन हुए, वहीं काल भैरव मंदिर में पालकी यात्रा में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
भगवान महाकाल के सेनापति कालभैरव
श्री भैरव अष्टमी के मौके पर शनिवार रात 12 बजे भगवान महाकाल के सेनापति कालभैरव के मंदिर में जन्म आरती के दौरान जयकारे गूंजे। शंख-झालर और दीप मालिकाओं की जगमग के साथ महाआरती हुई। इसके बाद 111 पकवानों का भोग अर्पण किया गया। रविवार शाम 4 बजे भैरवगढ़ क्षेत्र में शाही ठाठ-बाट के साथ भैरव बाबा की पालकी यात्रा परंपरागत मार्गों से निकाली गई। मंदिर में दो दिनी जन्मोत्सव मनाया गया। मंदिर को पुष्प व रंगीन रोशनी से सजाया गया। अभिषेक-पूजन, शृंगार कर पकवानों का भोग लगाया गया।
रास्तेभर उड़ा आस्था का गुलाल
शाम शाम 4 बजे परंपरानुसार भगवान की सवारी क्षेत्र भ्रमण पर निकली। रास्ते भर आस्था का गुलाल उड़ा। अधिकारियों ने विधिवत पूजन के बाद सवारी को रवाना किया। सिंधिया परिवार द्वारा भगवान को पगड़ी पहनाई गई। जेल द्वार के सामने पहुंचने के बाद जेल अधीक्षक ने पूजा अर्चना की और कैदियों ने अपने आराध्य देव के दर्शन किए। इसके बाद सवारी सिद्धवट पहुंची, जहां जलाभिषेक, आरती पूजन के बाद यहां से सवारी मंदिर के लिए रवाना हुई। रास्तेभर तोपची, बैंडबाजे, घुड़सवार, ढोल-ताशे और झांकियां शामिल हुईं।
बाबा को मदिरा के साथ लगाया 56 भोग
हर साल की तरह इस साल भी अलीगढ़ से आए कृष्ण गोपाल शर्मा एवं उनकी टीम द्वारा काल भैरव मंदिर क्षेत्र में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें हजारों भक्तों ने प्रसादी ग्रहण की। महाकाल सेवा समिति द्वारा लगातार 7 वर्षों से यह आयोजन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत मदिरा के साथ बाबा को 56 भोग लगाया गया। दिल्ली, आगरा, मुंबई, जयपुर सहित देशभर से बाबा के भक्त इस कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।
यहां भी हुए आयोजन
- सराफा एसोसिएशन पटनी बाजार के व्यापारियों ने श्री फूल भैरव मंदिर पर महाआरती की एवं छप्पन पकवानों का भोग लगाया। जानकारी एसोसिएशन के सचिव शिव सोनी ने दी।
- चक्रतीर्थ स्थित श्री बटुक भैरव को स्वर्ण चमक और वर्क से सजाया गया। 56 भोग लगाकर भंडारे का आयोजन किया। जानकारी पुजारी वरुण तिवारी ने दी।
- भागसीपुरा स्थित अतिप्राचीन श्री छप्पन भैरव मंदिर में चार दिनी आयोजन हुआ। इसके फूल बंगला और पकवानों का महाभोग लगाया गया। 51 दीपों से महाआरती व आतिशबाजी हुई।
- श्री कुचैरा भैरवनाथ मन्दिर पर अभिषेक पूजन, विशेष श्रृंगार, भैरव चालीसा, भैरवाष्टक, भैरव स्तुति आदि का पाठ हुआ।
Published on:
28 Nov 2021 07:29 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
