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पश्चिमी विक्षोभ के असर से यहां शुरु हुई बारिश, अब पड़ेगी कड़ाके की ठंड

पश्चिमी विक्षोभ के कारण मध्य प्रदेश के उज्जैन, रतलाम और इंदौर सभाग में गुरुवार को आसमान में बादलों ने डेरा जमा लिया, वहीं दोपहर होते होते यहां हल्की और मध्यम बारिश का सिलसिला शुरु हो गया है।
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उज्जैन

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Mohammad Faiz Mubarak

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Updated: 18 Nov 2021, 6:01 PM IST

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पश्चिमी विक्षोभ के असर से यहां शुरु हुई बारिश, पड़ेगी कड़ाके की ठंड

उज्जैन. पश्चिमी विक्षोभ के कारण मध्य प्रदेश के उज्जैन, रतलाम और इंदौर सभाग में गुरुवार को आसमान में बादलों ने डेरा जमा लिया, वहीं दोपहर होते होते यहां हल्की और मध्यम बारिश का सिलसिला शुरु हो गया है। बारिश के बाद हवा की गति से मौसम में ठंडक घुल गईं है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में इन तीनों संभागों के जिलों में बारिश हो सकती है।

8 नवंबर के आद कड़ाके की ठंड का अनुमान जताने वाला मौसम विभाग अब उत्तरी हवा के पश्चिमी मिलन से अगले 24 घंटों में पूरे प्रदेश में बादलों के छाने से एक जैसे मौसम की घोषणा कर रहा है। बता दें कि चार दिन पहले मौसम विभाग ने 8 नवंबर के बाद कड़ाके की ठंड के साथ बारिश की संभावनाओं से इनकार किया था, लेकिन उत्तरी हवा की तेज गति अब पश्चिम की ओर जाने के साथ पश्चिमी विक्षोभ के कारण अब हल्की आरिश का अनुमान लगाया जा रहा है।


मौसम विभाग की रिपोर्ट

गौरतलब है कि हाल ही में मौसम विभाग के भोपाल कार्यालय ने बताया था कि, दक्षिण भारत में जो अन्य बाहु का क्षेत्र अंदर की ओर आ गया। इससे उत्तरी हवा की गति तेज हो गई, जिससे दो दिन एक सा माहौल रहने का अनुमान जताया था। साथ ही, न्यूनतम तापमान 12 से 13 डिग्री तक रहने की भी घोषणा की थी। गुरुवार को मौसम विभाग ने उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर और चंबल संभागों के साथ साथ बैतूल जिले में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।


क्या कहता है मौसम विभाग?

वहीं, वरिष्ठ वैज्ञानिक वेदप्रकाश ने बताया कि, बदले मौसम के कारण अब हल्की बारिश का अनुमान है, जबकि आने वाले 24 घंटों में पूरे प्रदेश में इसका असर देखा जा सकता है। वरिष्ठ वैज्ञानिक ने यह भी बताया कि दक्षिण भारत में तो सिस्टम बना था, वह अब भी है, जिससे कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसी वजह से बादलों का जमाचड़ा होते से इंदौर, उज्जैन संभाग के वे इलाके, जो गुजग़त से लगे हैं, वहां हल्की बारिश हुई है। तापमान में अबतक जो गिरावट हो रही थी, बादलों के चलते इसमें बढ़ोतरी होगी। क्योंकि, अरब सागर से जो मौसम बना है उससे नमी आ रही है।