9 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Alert: RO वाटर कैंपर्स का बहुत गंदा पानी पी रहे हैं आप ! जानिए कितनी होना चाहिए pH Value

पानी को शुद्धता पर खरा उतरने 11 मानकों की जांच जरूरी, इनके बगैर बीमार होने का खतरा...

2 min read
Google source verification
12_2.jpg

उज्जैन। शहर के आरओ प्लांट में पानी की शुद्धता जांचने की सुविधा ही नहीं है। यहां सिर्फ पानी का भारीपन (टीडीएस) कम किया जाता है। जबकि पानी की शुद्धता को परखने के लिए 11 तरह की जांचे अनिवार्य होती हैं। ऐसे में शुद्ध पानी देने का दावा कर घर, दुकान और कार्यालयों में पहुंचा रहे कैंपर का आरओ पानी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। फिर भी निर्धारित मानकों की जांच किए बगैर कैंपर में पानी खुलेआम बिक रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार मौन हैं।

शहर में आरओ प्लांट से 18- 20 लीटर कैंपर या खुली री-फिल वाली कैन में ठंडा पानी भरकर दे रहे हैं । यह पानी कितना शुद्ध है इसको लेकर स्थिति साफ नहीं है । प्लांट की ओर से 80 से 120 टीडीएस के बीच का पानी देने का दावा किया जा रहा है। वास्तविकता में पानी में कई अन्य तत्व भी मिले हुए होते हैं, जिनकी पानी में एक तय मात्रा होना जरूरी है। विशेषकर पानी में आयरन, कैल्शियम, क्लोराइड, फ्लोराइड तथा नाइट्रेट व सल्फेट जैसे अन्य तत्व भी मिले होते हैं। इनके कम या अधिक होने से बीमारी का खतरा रहता है।

आरओ प्लांट से जुड़े लोग बता रहे हैं कि शहर में अधिकांश प्लांटों में पानी के सभी तत्वों की जांच की कोई सुविधा नहीं है। प्लांट पर पानी के भारीपन को कम किया जाता है। इसके बाद ठंडा कर सीधे लोगों तक पहुंचा दिया जाता है। ऐसे में पानी पूर्णत: स्वच्छ नहीं किया है तो लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ सकता है।

आरओ प्लांट पर उपयोग किया जा रहा पानी अधिकांश बोरिंग का है। शहर में तेजी से गिर रहे भूजल के कारण पानी में बहुत ज्यादा कठोरता (भारीपन) बढ़ रही है। कई जगह बोरिंग में टीडीएस 500 से 1000 तक के बीच आ रहा है। इसके अलावा फ्लोराइड, मैग्निश्यिम, ऑर्सेनिक फ्लोराइड भी रहते हैं। वहीं सूक्ष्म बैक्टीरिया व वायरस भी होने की आंशका रहती है। ऐसे में आरओ प्लांट पर शुद्ध पानी होने का दावा पूरी तरह सही नहीं है।

दूषित पानी स्वास्थ्य के लिए खतरनाक होता है। गंदे पानी से पीलिया, दस्त, गले की बीमारी, दांत के रोग, हड्डी कमजोरी, लीवर में सूजन जैसी बीमारी हो सकती है।

तत्व न्यून अधिक

सीओडी- 0.0 -10

कठोरता- 200- 600

क्षारीयता -200- 600

क्लोराइड -200- 1000

आयरन -0.1 -1.0

फ्लोराइड -0.0 -1.5

सल्फेट- 200- 400

नाइट्रेट -45 -45

पीएच -7.0 -8.5

टर्बिटी -0.0 -5.0

कलर -0.0- 5.0

(पीएचई से मिली जानकारी अनुसार, मात्रा एनटीयू, मिलीग्राम में )

पेयजल पानी में करीब 11 मानकों पर जांच होती है। इनमें बैक्टीरिया जांच भी शामिल रहती है। बगैर जांच के बोरिंग या अन्य स्रोत का पानी स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। -हरिसिंह मौर्य, लैब टेक्निशियन, पीएचई

संबंधित खबरें