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पूर्व सांसद अनु टंडन ने चुनाव प्रक्रिया पर उठाए बड़े सवाल

पोलिंग एजेंट को बाहर बैठाने से पारदर्शिता में आती है कमी, ईवीएम मशीन से मतदाता की गोपनीयता हो रही है भंग.
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उन्नाव

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Abhishek Gupta

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Updated: 24 Nov 2017, 10:28 PM IST

Annu Tandon

Annu Tandon

उन्नाव. मतदान से वंचित पूर्व सांसद अन्नू टंडन ने पूरे निर्वाचन पर ही सवालिया निशान खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि निर्वाचन अधिकारी पोलिंग एजेंट बनाता है। लेकिन उसे अंदर जाने की इजाजत नहीं दी जाती है। चुनाव आयोग द्वारा मतदाता पहचान पत्र बनाया जाता है, लेकिन उसे मत डालने से वंचित कर दिया जाता है। ईवीएम मशीन मतदान की गोपनीयता को भंग कर रहा है। कैसी चुनाव प्रक्रिया है? यदि मेरे एक वोट से कांग्रेस हारती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। एक बीएलओ को दंडित करके चुनाव आयोग पाक-साफ नहीं हो सकता है। यदि दंडित करना ही है तो हेड ऑफ डिपार्टमेंट को किया जाए जिसने यह कार्य किया है। अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए पूर्व सांसद अन्नू टंडन ने उक्त विचार व्यक्त किए। इस संबंध में पूर्व सांसद अनु टंडन ने जिला अधिकारी उन्नाव और इलेक्शन कमीशन को शिकायती पत्र भेजा है।

पूछा प्रशासन तय करेगा कि मैं वोट दूं की ना दूं-

उन्होंने कहा कि मतदाता पहचान पत्र चुनाव आयोग द्वारा जारी किया जाता है। इसके बाद किसी को मतदान से वंचित क्यों किया जाता है। उन्होंने कहा कि क्या प्रशासन तय करेगा कि मैं वोट दो कि ना दूं। मेरे जैसे तमाम आम नागरिक हैं। जिनको उनके मताधिकार के प्रयोग से मात्र इसलिए रोका गया कि उनका या मेरा नाम वोटर लिस्ट में नहीं था। उन्होंने कहा कि यह तो जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है कि वह देखें की कौन वर्तमान में जीवित है कि नहीं या मकान छोड़ कर कहीं चला गया है। यदि मतदान पहचान पत्र होने के बाद भी मत ना डाल पाए तो फिर मतदान पहचान पत्र का क्या महत्व है। पूर्व सांसद ने कहा कि मैंने चुनाव आयोग में अपनी शिकायत दर्ज करा दी है और विधिक राय भी ले रही हूं। उसके हिसाब से मैं आगे इस महत्वपूर्ण काम पर जिम्मेदार नागरिक होने के नाते कानूनी लड़ाई लड़ूंगी।

मतदान ना करने का झलका दर्द
उन्होंने कहा कि मत का प्रयोग नहीं कर पाने का दर्द हमेशा रहेगा। पूर्व सांसद ने एजेंट को पोलिंग के बाहर बैठाने के निर्णय के औचित्य पर भी सवालिया निशान लगाया। उन्होंने इसे गलत बताते हुए कहा कि पोलिंग एजेंट की जिम्मेदारी होती है कि वह देखें कि चुनाव कार्य पारदर्शी तरीके से हो रहा या नहीं। ऐसा तो नहीं कोई फर्जी मतदान करने आया है। जिसको स्थानीय पोलिंग एजेंट जो सभी राजनीतिक पार्टियों के होते हैं पहचान ले।

उन्होंने इस बात की मांग की कि पोलिंग एजेंट को कमरे में ही जगह दी जाए। ईवीएम मशीन की गोपनीयता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि आज मशीन से जानकारी मिल जाती है कि किस बूथ पर किसको कितने वोट मिले हैं। जबकि बैलेट पेपर से यह जानकारी नहीं मिल पाती है कि कितने वोट कहां किस जन प्रतिनिधि को मिला है। जिससे जन प्रतिनिधि के मन में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं आता है। अन्नू टंडन ने कहा कि मेरे वोट देने के अधिकार से वंचित रहने पर किसी छोटे कर्मचारी पर कार्यवाही ना कर सिस्टम को ठीक किया जाए। सिस्टम को ठीक करने के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। प्रेस वार्ता के दौरान जिला अध्यक्ष सूर्य नारायण यादव, प्रदेश महासचिव वीर प्रताप सिंह, प्रवक्ता जिला कांग्रेस कमेटी अजय श्रीवास्तव, अवधेश सिंह, शहर अध्यक्ष अमित शुक्ला आदि मौजूद थे।