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उन्नाव में एक लाख 51 हजार माटी के दीयों का मुफ्त वितरण, नर सेवा नारायण सेवा का खुशियां बांटने का प्रयास

Free Distribution of Soil Lamps: उन्नाव में 1 लाख 51 हजार मिट्टी के दीयों का मुफ्त वितरण किया गया। नर सेवा नारायण सेवा की तरफ से दिवाली के अवसर पर यह सराहनीय कार्य किया गया।
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उन्नाव

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Narendra Nath Awasthi

•

Updated: 6 Nov 2026, 5:05 PM IST

मिट्टी के दीयों का मुफ्त वितरण, फोटो सोर्स- आयोजक

मिट्टी के दीयों का मुफ्त वितरण, फोटो सोर्स- आयोजक

Free Distribution Of Soil Lamps: उन्नाव में आज नर सेवा नारायण सेवा की तरफ से 1 लाख 51 हजार मिट्टी के दीयों का मुफ्त वितरण किया गया। गांधीनगर तिराहे से बड़े चौराहे के बीच करीब 2 किलोमीटर की दूरी में दीयों का वितरण किया गया। इसके पहले संस्था की तरफ से कुम्हारों से मुंह मांगी कीमत में मिट्टी के दीए ख़रीदे गए। संस्था के संस्थापक विमल द्विवेदी ने बताया कि मिट्टी के दीये भारतीय संस्कृति, कारीगरों की मेहनत का प्रतीक है। उन्होंने ऑनलाइन शॉपिंग का भी विरोध किया।

मुंह मांगी कीमत पर खरीदे दीये

उत्तर प्रदेश के उन्नाव में आज 1 लाख 51 हजार दीयों का मुफ्त वितरण किया गया। नर सेवा नारायण सेवा की तरफ से खुशियां बांटने का प्रयास किया गया। ‌दीपावली के अवसर पर स्वदेशी और सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए नर सेवा नारायण सेवा समिति के संस्थापक विमल द्विवेदी ने कुम्हारों से मुंहमांगे दामों पर 1 लाख 51 हजार मिट्टी के दीये खरीदे।

कुम्हारों से खरीद कर बांटे गए दीये

कुम्हारों से खरीदे गए दीयों को नर सेवा नारायण सेवा के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने वितरित किया। दीया वितरण का कार्यक्रम गांधी नगर चौराहे से बड़े चौराहे के बीच किया गया। इस दौरान मुख्य मार्ग के किनारे बाजार में आये आमजन को निःशुल्क वितरित किया गया। बाजार में दीये पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे। उन्होंने इस पहल की सराहना की। राजेश कुमार ने बताया कि समिति की यह पहल सिर्फ दीये बांटने तक सीमित है बल्कि स्थानीय कारीगरों को सम्मान और आर्थिक सहारा देने का संदेश भी है।

अपने घर-आंगन को मिट्टी के दीये से रोशन करें

नर सेवा नारायण सेवा के संस्थापक विमल द्विवेदी ने कहा कि मिट्टी के दीये केवल प्रकाश का माध्यम नहीं हैं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और कारीगरों की मेहनत के प्रतीक हैं। इन्हें अपनाकर हम स्थानीय कारीगरों के घरों में भी खुशियों के दीप जला सकते हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे इस दीपावली अपने घर-आंगन को मिट्टी के दीयों से ही रोशन करें।

करें ऑनलाइन शॉपिंग का बहिष्कार

विमल द्विवेदी ने कहा कि ऑनलाइन शॉपिंग का बहिष्कार करने और स्थानीय दुकानदारों, कारीगरों से खरीदारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जो दिवाली मनाते हों, उन्हीं से खरीदारी करनी चाहिए, ताकि त्योहार की खुशी सब तक पहुंचे।

सराहनीय पहल का स्वागत

पंडित दुर्गा शंकर द्विवेदी ने बताया कि दिवाली का महत्व मिट्टी के दीयों से है। इससे कुम्हारों का हौसला भी बढ़ता है। भारतीय परंपरा भी जीवित रहती है। वितरण कार्यक्रम के दौरान नर सेवा नारायण सेवा समिति के जिला प्रभारी अजय त्रिवेदी, जिलाध्यक्ष राकेश राजपूत, ए.के. दीक्षित, राजेश मिश्रा, योगेंद्र तिवारी, मनीष मिश्रा, सुजीत सिंह, धर्मेंद्र शुक्ला, अखिल मिश्रा, संदीप सिंह सहित बड़ी संख्या में सदस्य मौजूद थे।