
उन्नाव सांसद साक्षी महाराज ने संविधान में धर्मनिरपेक्ष शब्द जोड़े जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति धर्मनिरपेक्ष नहीं हो सकता है। सभी अपने-अपने धर्म का पालन करते हैं। यदि ऐसा कोई कहता है तो यह बकवास है। धर्मनिरपेक्षता के शब्द पर वह किसी से भी बहस करने को तैयार है। इस मौके पर उन्होंने शरीर के अंगों के धर्म के विषय में बताया। बोले हवा, आग, पानी अपने-अपने धर्म के अनुसार आचरण करते हैं। साक्षी महाराज अपने कैंप कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि संविधान में धर्मनिरपेक्ष शब्द अन्याय है। कोई भी व्यक्ति अपना धर्म नहीं छोड़ सकता है। यह संविधान में अन्याय और पाप है। क्या शरीर के अंग आंख, नाक, कान अपना धर्म छोड़ सकती हैं? क्या आग, पानी अपना धर्म छोड़ सकती हैं? शरीर का धर्म में जन्म लेना और मर जाना। शरीर को कौन धर्मनिरपेक्ष बना सकता है?
सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि प्राकृतिक का नियम है। सूर्य निकलता है और अस्त हो जाता है। कोई व्यक्ति अपना धर्म नहीं छोड़ सकता है और यदि कोई कहता है तो यह बकवास है। हिंदू, मुस्लिम, इसाई सभी अपने धर्म के अनुसार चल रहे हैं। धर्मनिरपेक्ष शब्द देश को बर्बाद करने के लिए जोड़ा गया है। सभी धर्माचार्यों की तरफ से वह मांग करेंगे कि संविधान से धर्मनिरपेक्ष शब्द को हटाया जाए।
Updated on:
29 Jun 2025 07:05 am
Published on:
29 Jun 2025 07:05 am
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