
Maakhi village
उन्नाव. सीएम योगी ने मंगलवार को उन्नाव गैंगरेप मामले में एसआईटी टीम को मामले में रिपोर्ट सुपुर्द करने के निर्देश दिए थे। आज इस आदेश का पालन करने उन्नाव पहुंची एसआईटी टीम को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। ताजा जानकारी के मुताबिक गैंगरेप के मुख्य आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर के समर्थकों ने टीम का घेराव कर दिया और मसल्स पावर का इस्तेमाल किया। आपको बता दें कि टीम के साथ रेप पीड़िता व उसका परिवार भी उनके साथ मौजूद है। वे फिलहाल माखी पुलिस चौकी में मौजूद हैं जहां उनसे पूछताछ की जा रही है जिसके बाद टीम इसकी रिपोर्ट शाम तक सीएम योगी को सौंप देगी।
कांग्रेस की पूर्व सांसद अन्नू टंडन का भी किया घेराव-
माखी गांव में एसआईटी टीम व पीड़िता के परिवार को विधायक के समर्थकों व गांववालों की भारी भीड़ ने घेर लिया। उनके हाथों में तख्ती और पंपलेट मौजूद थे। इसी के साथ ही वे मामले में मीडिया कवरेज का भी विरोध कर रहे थे। ताज्जुब की बात ये रही कि पुलिस यहां पर मूक दर्शक की तरह खड़ी रही। इस दौरान वहां एडीजी राजीव कृष्णा और कांग्रेस की पूर्व सांसद अन्नू टंडन का भी आक्रामक भीड़ ने घेराव कर दिया। पंपलेट, पोस्टर लेकर पूरी तरह तैयारी खड़ी भीड़ व अचानक गाड़ियों से भर-भर कर लाए गए लोगों को देखकर प्रतीत हो रहा है मानो यह सब एक पूर्व में रची गई किसी साजिश के तहत हो रहा हो।
थाने का भी भीड़ ने किया घेराव-
इसी बीच पीड़िता व उसका परिवार किसी तरह थाने पहुंच गया, जहां पहले से एसआइटी के अधिकारी मौजूद थे। टीम उन लोगों से बंद कमरे में पूछताछ कर रही है। यहां पर पीड़ित परिवार के होने की सूचना पर कुछ ही क्षण में भीड़ ने थाने को भी घेरने का प्रयास किया।
पीड़िता गांव न जाने की कर रही थी मिन्नतें
उन्नाव में एसपी पुष्पांजलि ने परिवार को पुलिस प्रोटेक्शन देने की बात कही है। उनके अनुसार वह जहां भी जाना चाहें जा सकते हैं, बस जानकारी दे दें जिससे कि उनकी सुरक्षा का बंदोबस्त किया जा सके। माखी गांव लाए जाने से पहले भयभीत पीड़िता ने लखनऊ में आरोप लगाया कि यहां उसे व उसके परिवार को मार दिया जाएगा। उनसे कहा कि वह सिर्फ सीएम योगी के मिलना चाहती है। मेरे परिवार को एक होटल के रूम में बंद कर दिया गया था। जहां पर टीवी का केबल का तार भी काट दिया गया जिससे कि हम खबरें न देख सकी। पीड़िता गांव वापस न भेजे जाने की मिन्नतें कर रही थी। वहीं अब माखी गांव में फैले तनाव को देखकर पीड़िता का डर वाजिब साबित होता है।
Updated on:
11 Apr 2018, 5:20 PM IST
Published on:
11 Apr 2018, 4:32 PM IST
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