
UP Election 2022: उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को चंद महीने ही शेष रह गए हैं। जिसके तहत अब सभी पार्टियों की राजनैतिक सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं। भाजपा, कांग्रेस, सपा और बसपा की चुनावी बैठकें हो रही है। बैठकों में प्रत्याशी चयन और विधानसभावार समीक्षा का दौर भी जारी है। इसी कड़ी में अब समाजवादी पार्टी ने प्रत्याशी चयन के लिए बूथ व सेक्टर प्रभारियों के सर्वे फार्म को आधार बनाया है। यानी संगठन जिन प्रत्याशी पर मुहर लगाएगा उसी को पार्टी टिकट दिया जाएगा।
2017 में चुनाव हारे प्रत्याशियों को नहीं मिलेगा टिकट
सूत्रों की माने तो इस बार पार्टी 2017 की गलती दोहराने के मूड में नहीं है। इसी कारण प्रत्याशी चयन में पार्टी एक-एक कदम फूंककर रख रही है। यह भी कहा जा रहा है कि जो प्रत्याशी पिछले विधानसभा चुनाव 2017 में चुनाव हर गए थे या तीसरे नंबर पर रहे थे उसको टिकट नहीं दिया जाएगा। दूसरे नंबर पर रहे सपा उम्मीदवारों में सिर्फ उनको ही टिकट देने पर विचार किया जाएगा, जिसकी हार का अंतर कम वोटों का रहा हो। जिला व महानगर इकाई के सभी सेक्टर व बूथ प्रभारियों के साथ विधानसभा अध्यक्षों की बैठक में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरनमय नंदा ने निर्देश दिए हैं।
मेरठ जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह ने बताया कि लखनऊ में हुई बैठक में मेरठ की सभी विधानसभा सीटों के लिए आए आवेदनों पर चर्चा की गई है। उन्होंने बताया कि सभी सेक्टर प्रभारियों से प्रत्येक बूथ पर पुराने वोटरों की समीक्षा करने के साथ 50-50 नए वोट जुड़वाने की अपील की गई है। उन्होंने बताया कि आज भाजपा राज में आम लोग महंगाई से त्रस्त हैं। जनता भाजपा को हराएगी। भाजपा की सरकार में महंगाई के साथ भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और अपराध बढ़े हैं। भाजपा ने 2017 के घोषणापत्र के एक भी वादे को पूरा नहीं किया। उन्होंने बताया कि इस बार प्रत्याशी चयन में पार्टी काफी सावधानी से आगे बढ़ रही है।
Published on:
10 Nov 2021, 1:00 PM IST
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