
पीएम मोदी और अरविंद केजरीवाल
वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी लोकसभा चुनाव 2019 के लिहाज से अभी से गर्माने लगा है। स्थानीय जनता जहां प्राचीन काशी की धरोहर को बचाने के लिए संघर्षरत है तो इसी बीच यह भी कयास लगाए जाने लगे थे कि 2019 का लोकसभा चुनाव मोदी बनारस नहीं लड़ेंगे। ऐसे में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को सफाई देनी पड़ी उन्होंने गुरुवार को यह स्पष्ट किया कि अगला लोकसभा चुनाव भी मोदी जी बनारस से ही लड़ेंगे। उधर अमित शाह के जुबान से नरेंद्र मोदी के बनारस से अगला चुनाव लड़ने की बात मीडिया में आई वैसे ही आम आदमी पार्टी अचानक सक्रिय हो गई। आनन फानन में पार्टी के प्रवक्ता संजय सिंह शुक्रवार को बनारस पहुंच गए। वह विश्वनाथ मदिर परिक्षेत्र में भी जाएंगे, केंद्र व राज्य सरकार की प्रस्तावित योजना गंगा पाथवे और काशी विश्वनाथ कॉरीडोर मार्ग का न केवल अवलोकन करेंगे बल्कि क्षेत्र के पीड़ितों से मिलेंगे जिनके सैकड़ों साल पुराने भवन गिराये जाने हैं।
बता दें कि जिस तरह से बनारस के सियासी हलकों में यह खबर तेजी से वायरल की जा रही थी कि पीएम नरेंद्र मोदी 2019 का चुनाव बनारस से नहीं लड़ेंगे। यह खबर भाजपा अध्यक्ष तक पहुंची तो अमित शाह ने गुरुवार को स्प्ष्ट किया ऐसा कुछ नहीं है प्रधानमंत्री अगला चुनाव बनारस से ही लड़ेंगे। इसके बाद से विपक्ष में सरगर्मी तेज हो गई है। खास तौर पर आम आदमी पार्टी कुछ ज्यादा ही सक्रिय हो गई। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और प्रदेश प्रभारी संजय सिंह शाह के बयान के अगले दिन ही बनारस पहुंच गए। वह एक दिन के प्रवास के दौरान वह कई कार्यक्रमों में शिरकत कर रहे हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ उनकी मीटिंग भी होने जा रही है। हालांकि पार्टी इसे रूटीन बैठक और रूटीन दौरा करार दे रही है। लेकिन सियासी गलियारों में इसके निहितार्थ निकाले जाने शुरू हो गए हैं।
यहां यह भी बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी को आम आदमी पर्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ही चुनौती दी थी। तब भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने निकटतम प्रतिद्वंद्वी आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल को 3,71,784 वोटों के अंतर से हराया था। नरेंद्र मोदी को कुल 5,81,022 वोट मिले, वहीं, दूसरे स्थान पर अरविंद केजरीवाल को 2,09,238 मत मिले थे। हैं. कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय 75,614 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे, हालांकि वो ज़मानत नहीं बचा सके थे।
ऐसे में अब आम आदमी पार्टी जिस तरह से सक्रिय हुई है शहर के राजनीतिक विश्लेषक यह सवाल खड़ा करने लगे हैं कि अगर पीएम नरेंद्र मोदी बनारस से चुनाव लड़ते हैं तो क्या अरविंद केजरीवाल दोबारा उन्हें चुनौती देने आएंगे। हालांकि एक विकल्प साझा विपक्ष के उम्मीदवार का भी है। इसे लेकर भी सियासी विश्लेषकों ने मंथन शुरू कर दिया है। वैसे उनका कहना है कि विपक्ष के पास स्थानीय स्तर पर ऐसा कोई दमदार उम्मीदवार दिखता नहीं जो पीएम नरेंद्र मोदी को टक्कर दे सके। ऐसे में इस पर भी कयास लगाए जा रहे हैं कि अगर अरविंद केजरीवाल खुद नहीं आते हैं चुनाव लड़ने तो कुमार विश्वास, मनीष सिसोदिया जैसे लोगों को भेजेंगे क्या? लेकिन आने वाले दिन बनारस की सियासी जमीन और गर्माने वाली है। इसके एहसास अभी से होने लगे हैं।
Published on:
23 Mar 2018, 12:58 PM IST
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