23 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अखिलेश यादव ने एक झटके से पलट दी बाजी, शिवपाल यादव को लगा सबसे तगड़ा झटका

लोकसभा चुनाव 2019 में बनायी है नयी पार्टी, चुनाव जीतने के लिए सपा ने किया है बसपा से गठबंधन
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

वाराणसी

•

image

Devesh Singh

•

Updated: 8 Mar 2019, 8:32 PM IST

Akhilesh Yadav and Shivpal Yadav

Akhilesh Yadav and Shivpal Yadav

वाराणसी. अखिलेश यादव ने एक झटके से बाजी पलट दी है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के नये दांव से शिवपाल यादव को सबसे तगड़ा झटका लगा है। लोकसभा चुनाव 2019 में सपा को नुकसान होने की संभावना कम हो गयी है। शिवपाल यादव ने पहले से खास तैयारी की थी लेकिन अखिलेश यादव ने पहले ही दांव चल रहा सारा समीकरण बदल दिया।
यह भी पढ़े:-अखिलेश यादव ने प्रत्याशियों की सूची जारी कर बाहुबली को दिया बड़ा मौका, बीजेपी की लग सकती है लॉटरी




मुलायम परिवार में पारिवारिक विवाद होने के बाद शिवपाल यादव ने नयी पार्टी बनायी है। यूपी में यादव वोटरों को लेकर शिवपाल व अखिलेश अपने-अपने दावे करते रहते हैं। पूर्वांचल की बात की जाये तो सपा के अधिक वोटर उसी नेता के साथ जाने वाले हैं, जिनके साथ मुलायम सिंह यादव (नेता जी) खड़े होंगे। अखिलेश यादव भी इस बात को जानते थे इसलिए पहली ही लिस्ट में मुलायम सिंह यादव को मैनपुरी से टिकट देकर शिवपाल यादव का सारा दांव पलट दिया है। आजमगढ़ के सांसद मुलायम सिंह यादव पहले ही इस बात को लेकर नाराज थे कि उन्हें कहा से चुनाव लडऩा होता है इसकी जानकारी नहीं दी जा रही है। ऐसे में अखिलेश यादव ने पहले ही सूची में नेता जी को प्रत्याशी बना कर शिवपाल यादव का टिकट देने की तैयारी को झटका दे दिया है अब साफ हो गया है कि नेता जी सपा के ही टिकट से चुनाव लडऩे वाले हैं और पार्टी के कैडर वोटर को अब शिवपाल के पाले में करना कठिन हो जायेगा।
यह भी पढ़े:-
9 साल बाद पता चला कि बेटी है कोठे पर, भाई को ग्राहक बना कर भेजा तो हुआ कुछ ऐसा

पूर्वांचल में आज भी मुलायम सिंह यादव का जलवा कायम है
पूर्वांचल में बसपा से अधिक सीटे सपा को मिलती थी इसकी मुख्य वजह मुलायम सिंह यादव का वोटरों पर पकड़ थी। आजमगढ़, प्रयागराज, जौनपुर, मिर्जापुर, गाजीपुर आदि जिलों में आज भी वोटरों को मुलायम के इशारे का इंतजार होता है मुलायम सिंह जिसके साथ खड़े हो जाते हैं सपा के वोटर उधर जुडऩे से परहेज नहीं करते हैं। अखिलेश यादव ने सपा का टिकट देकर पार्टी के कैडर वोटरों को बचाने का दांव खेला है जिससे शिवपाल यादव की परेशानी बढऩी तय है।
यह भी पढ़े:-पीएम नरेन्द्र मोदी को लेकर बड़ा खुलासा, अब तक कर चुके हैं इतने रुपये दान

मुलायम सिंह यादव तय करेंगे सपा व बसपा गठबंधन का भविष्य
पीएम नरेन्द्र मोदी व अमित शाह को चुनावी शिकस्त देने के लिए अखिलेश यादव व मायावती ने यूपी में गठबंधन किया है। लोकसभा चुनाव का परिणाम बतायेगा कि सपा व बसपा का गठबंधन कितना सफल हुआ है। शिवपाल यादव के लिए नेता जी चुनाव प्रचार करते हैं तब सपा को नुकसान उठाना पड़ेगा। ऐसा हुआ तो बसपा सुप्रीमो मायावती नाराज हो सकती है, जिससे भी गठबंधन को नुकसान होने की संभावना रहेगी। साफ है कि मुलायम सिंह यादव ही सपा व बसपा के गठबंधन का भविष्य तय करेंगे।
यह भी पढ़े:-पीएम नरेन्द्र मोदी का बयान महादेव ने कहा कि बोलते बहुत हो कुछ करके दिखाओगे

बड़ी खबरें

View All

वाराणसी

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग