
वाराणसी. बीजेपी हमेशा से बड़ा मिशन लेकर चलती है। यूपी चुनाव में बीजेपी ने 300 से अधिक सीटों पर विजय पाने की भविष्यवाणी की थी जिसे सच करके दिखाया था। गुजरात व कर्नाटक चुनाव की बात छोड़ दी जाये जो बीजेपी अपने बनाये गये लक्ष्य पाने में सफल रही है। लोकसभा चुनाव 2019 में महागठबंधन व बीजेपी के बीच सीधा मुकाबला होना है ऐसे में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने बिना चुनाव लड़े ही इन छह सीटो पर हार मान ली है जिसके बाद से सियासी जगत में नये समीकरण का जन्म होने लगा है।
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पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में बीजेपी वालंटियर को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा था कि पिछले बार हम लोगों ने 73 सीट जीत थी इस बार 73 नहीं 74 सीट जीत कर आयेंगे। बीजेपी के चाणक्य माने जाने वाले अमित शाह के बयान से साफ हो जाता है कि इस बार बीजेपी 74 सीट पर ही जीतने का दावा कर रही है जबकि यूपी में कुल 80 संसदीय सीट है। लोकसभा चुनाव होने में अभी काफी समय बचा है इसके बाद भी बीजेपी ने मिशन 350 को शुरू किया गया है। मिशन का मतलब लोकसभा 2019 में कुल 350 सीट जीतना है लेकिन जब यूपी में बीजेपी के वालंटियर को समझाने की बात आयी तो 80 में से 74 सीट जीतने की ही बात कही गयी। राजनीतिक दल हमेशा से बड़ा दावा करते आये हैं भले ही उतनी सीट पर भी जीत न मिले। ऐसे में अमित शाह 80 सीटों की जगह 74 सीट पर ही जीत का दावा करके चले गये।
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तो क्या बीजेपी के लिए आसान नहीं है इन सीटों पर चुनाव जीतना
गोरखपुर, फूलपुर व कैराना संसदीय सीट पर उपचुनाव में बीजेपी को राहुल गांधी, अखिलेश यादव, मायावती व चौधरी अजीत सिंह के महागठबंधन से हार मिल चुकी है। इस तरह बीजेपी के पास कुल 70 सीट है। यदि लोकसभा चुनाव 2014 की बात की जाये तो आजमगढ़, बदायूं, कन्नौज, फिरोजाबाद, मैनपुरी सीट पर जीत मिली थी जबकि कांग्रेस के पास राय बरेली व अमेठी सीट आयी थी। सपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने आजमगढ़ से चुनाव नहीं लडऩे की बात कही है। मुलायम सिंह यादव अब मैनपुरी से चुनाव लड़ सकते हैं। डिंपल यादव की जगह उनके पति अखिलेश यादव कन्नौज सीट से चुनाव लडऩे वाले हैं। ऐसे में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बयान का मतलब निकाला जाये तो राय बरेली, अमेठी, मैनपुरी, कन्नौज, बंदायू, फिरोजाबाद सीट जीतना कठिन लग रहा है। आजमगढ़ सीट जीत कर बीजेपी अपनी संख्या को 74 करने का दावा कर सकती है।
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सहयोगी दल को भी देनी है सीट
लोकसभा चुनाव 2014 में बीजेपी ने सहयोगी दल अनुप्रिया पटेल की पार्टी अपना दल को मिर्जापुर व प्रतापगढ़ सीट दी थी जबकि यूपी चुनाव में बीजेपी ने ओमप्रकाश राजभर की पार्टी सुभासपा से भी गठबंधन किया है। बीजेपी व सुभासपा का गठबंधन खत्म होने के कगार पर पहुंच गया है यदि गठबंधन जारी रहता है तो अपना दल व सुभासपा को दो-दो सीट मिलती है तब जाकर भी अमित शाह का 74 सीट पर जीत का बयान सच साबित हो सकता है यदि ऐसा नहीं होता है तो माना जायेगा कि चुनाव लडऩे से पहले ही बीजेपी ने छह सीटों पर हार स्वीकार कर ली।
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