
Bahubali Tribhuvan Singh
वाराणसी. कभी पांच लाख के इनामी रहे व बृजेश सिंह के करीबी त्रिभुवन ङ्क्षसह को इलाज के लिए शनिवार को बीएचयू में भर्ती कराया गया है। विभिन्न आरोपों में मिर्जापुर जेल में बंद त्रिभुवन सिंह को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बीएचयू लाये गये हैं। अस्पताल के पास पुलिसकर्मी के साथ त्रिभुवन सिंह के खास लोग भी तैनात हैं।
यह भी पढ़े:-पुलिस हिरासत में ब्लेड से काटी थी नस, चिकित्सक ने लगाया चोट नहीं लगने की रिपोर्ट, कोर्ट ने विवेचक के साथ किया तलब
बीएचयू के आयुर्वेद में त्रिभुवन सिंह को भर्ती किया गया है जहां पर डा.राहुल खन्ना की देखरेख में इलाज चल रहा है। सूत्रों की माने तो त्रिभुवन सिंह को गाल ब्लैडर में स्टोन की समस्या थी और उसका ऑपरेशन कराया गया था बाद में वहां पर गांठ बन गयी थी जिसके इलाज के लिए ही बीएचयू लाया गया है। बृजेश सिंह व त्रिभुवन सिंह की जोड़ी बेहद प्रसिद्ध थी। बृजेश सिंह की तरफ त्रिभुवन सिंह पर भी कभी पांच लाख का इनाम था। आरोप है कि बृजेश सिंह ने जितनी भी बड़ी वारदातों को अंजाम दिया था उसमे त्रिभुवन सिंह भी साथ थे।
यह भी पढ़े:-पीएम नरेन्द्र मोदी 12 को देंगे सैकड़ों करोड़ का दीपावली गिफ्ट , टर्मिनल व अन्य योजना करेंगे राष्ट्र को समर्पित
बुलेटप्रूफ वाहन से पहुंच कर एसटीएफ के सामने किया था सरेंडर
त्रिभुवन सिंह की भी कहानी बेहद दिलचस्प है। बृजेश सिंह के साथ ताबड़तोड़ क्राइम कर जरायम की दुनिया में अपना डंका बजाने वाले त्रिभुवन सिंह को पुलिस २२ साल से खोज रही थी। 15 मार्च 2009 को एसटीएफ के विज्ञानपुरी कार्यालय के बाहर एक बुलेटप्रूफ वाहन रुकता था। गेट पर उस व्यक्ति से पूछताछ होती है और रजिस्टर पर सही नाम दर्ज करके वह व्यक्ति सीधा एसटीएम के एसएसपी अमिताभ यश के पास पहुंचता है और कहता है कि वह त्रिभुवन सिंह है उसे गिरफ्तार कर लिया जाये। इसके बाद एसटीएफ ने त्रिभुवन सिंह को गिरफ्तार का जेल भेजा था जहां पर विभिन्न मामलों की सुनवाई हो रही है।
यह भी पढ़े:-जब मुलायम के गढ़ में होने लगा बाहुबली रमाकांत यादव का गुणगान, इस पार्टी से टिकट की दावेदारी हुई मजबूत
पहली बार जेल में हुई थी बृजेश सिंह व त्रिभुवन सिंह की मुलाकात
गाजीपुर के मुडियार गांव निवासी त्रिभुवन सिंह व बृजेश सिंह क पहली मुलाकात जेल में हुई थी। बृजेश सिंह अपने पिता की मौत का बदला लेने के लिए जरायम की दुनिया में उतरे थे तो त्रिभुवन सिंह अपने भाई हेड कॉस्टेबल राजेन्द्र सिंह की हत्या का बदला लेना चाहते थे। राजेन्द्र सिंह की हत्या में साधु सिंह व बाहुबली मुख्तार अंसारी का नाम आया था। जेल से निकलने के बाद बृजेश सिंह व त्रिभुवन सिंह हमेशा साथ रहते थे और बड़ी वारदातों को अंजाम दिया।
यह भी पढ़े:-यूपी की कानून व्यवस्था पर राज्यपाल ने नहीं दिया जवाब, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण पर कही यह बाते
Updated on:
3 Nov 2018, 9:05 PM IST
Published on:
3 Nov 2018, 9:05 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.