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इस चुनाव में भी सपा व बसपा पर भारी पड़ सकते हैं यह बाहुबली, बीजेपी की राह होगी आसान

राज्यसभा चुनाव में दिया था भगवा पार्टी को वोट, फिर बीजेपी को मिल सकता है लाभ
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वाराणसी

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Devesh Singh

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Updated: 17 Apr 2018, 1:45 PM IST

Bahubali Leader

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वाराणसी. राज्यसभा की तरह इस चुनाव में भी बाहुबली नेता सपा व बसपा को झटका दे सकते हैं। बीजेपी के पक्ष में मतदान करने वाले इन नेताओं पर सबकी निगाहे लग गयी है। बीजेपी के लिए सभी चुनाव बेहद खास होता है और चुनावी जीत के लिए बीजेपी कुछ भी करने को तैयार रहती है ऐसे में विधान परिषद चुनाव में बीजेपी अधिक से अधिक सीट पर कब्जा करने के लिए रणनीति बनाने में जुट गयी है।
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राज्यसभा चुनाव में बाहुबली नेताओं की वोटिंग को लेकर जमकर चर्चा हुई थी। आरोप था कि ओमप्रकाश राजभर की सुभासपा के दो विधायकों ने बसपा के पक्ष में वोटिंग की थी। इसके अतिरिक्त अमनमनी त्रिपाठी, विजय मिश्रा, राजा भैया, रमाकांत यादव के बेटे अरूण यादव आदि भी बीजेपी के साथ गये थे। अमनमनी त्रिपाठी, अरूण यादव व विजय मिश्रा ने खुल कर बीजेपी के पक्ष में मतदान करने की बात कही थी जबकि बाहुबली राजा भैया पर बीजेपी को वोट देने का आरोप लगा था जिसको लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने बयान भी दिया था जिसके बाद अखिलेश यादव ने राजा भैया के समर्थन पर धन्यवाद देने वाला ट्रवीट को डीलिट कर दिया था इसके बाद अखिलेश यादव ने मीडिया में बयान दिया था कि लगता है राजा भैया हमारे साथ नहीं है। राज्यसभा चुनाव में क्रास वोटिंग के चलते बसपा प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा था। अब विधान परिषद चुनाव होने वाला है और इस चुनाव में भी विधायक को राज्यसभा की तरह प्रथम व द्वितीय वरीयता के वोट देने हैं ऐसे में निर्दल विधायकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है।
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बीजेपी को विश्वास है कि उसके 11 प्रत्याशियों को मिलेगी जीत
बीजेपी ने 10सीट पर पार्टी के प्रत्याशी को टिकट दिया है जबकि 11 वी सीट पर अनुप्रिया पटेल के पति आशीष पटेल को प्रत्याशी बनाया है। बीजेपी को पूर्ण विश्वास है कि उसके 11 प्रत्याशी चुनाव जीत जायेंगे। सपा व बसपा के एक-एक प्रत्याशी मैदान में है। बीजेपी ने सभी प्रत्याशियों को चुनाव जिताने के लिए रणनीति भी बना ली है यह बात भी साफ हो गयी है कि सभी 13 प्रत्याशी की जीत तय हैं।
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अपना दल की खामोशी का मिल रहा लाभ
यूपी में बीजेपी व अपना दल का गठबंधन है। ओमप्रकाश राजभर आये दिन सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते रहते हैं जबकि अनुप्रिया पटेल की पार्टी गठबंधन को लेकर अधिक बयान नहीं देती है। निकाय चुनाव से पहले अनुप्रिया पटेल ने यूपी की कानून व्यवस्था को लेकर बयान दिया था इसके बाद वह शांत हो गयी थी। सुभासपा ने बीजेपी के खिलाफ निकाय चुनाव लड़ा था जबकि अपना दल ने प्रत्याशी नहीं उतारे थे और राज्यसभा चुनाव 2018 में अपना दल के नौ विधायकों ने बीजेपी को वोट दिया था और पार्टी पर क्रास वोटिंग का आरोप भी नहीं लगा था।
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