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इसलिए बीजेपी की कम नहीं हो रही ताकत, सपा, बसपा व कांग्रेस नहीं करते हैं यह काम

यूपी विधानसभा के बाद लोकसभा में भी होगा असर, बीजेपी लगातार कर रही काम
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वाराणसी

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Devesh Singh

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Updated: 20 Jun 2018, 1:46 PM IST

BJP

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वाराणसी. यूपी के तीन सीटों पर हुए उपचुनाव में भले ही बीजेपी को करारी शिकस्त मिली है लेकिन विरोधी दल भी जानते हैं कि भगवा पार्टी की ताकत कम नहीं हुई है। इसके चलते ही बीजेपी को चुनाव हराने के लिए सभी राजनीतिक दल एक हो रहे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव में जीत के बाद भी बीजेपी अपनी खास रणनीति पर काम करने में जुटी है जबकि विरोधी दल अभी गठबंधन बनाने में ही फंसे हुए हैं। बीजेपी को अपनी योजना का ही फायदा मिलता है इसलिए उसकी ताकत कम नहीं हो रही है।
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लोकसभा चुनाव 2014 में विजय पाने के बाद से पीएम नरेन्द्र मोदी लगतार जनता से संवाद करते रहते हैं। कभी मन की बात तो कभी पीएम मोदी एप से वह जनता से जुड़ते रहते हैं। इसके अतिरिक्त बीजेपी भी लगातार अभियान चलाती रहती है। कभी चौपाल तो कभी बेटी के सम्मान में। बीजेपी कभी जनजागरण रैली निकालती है तो कभी संपर्क फॉर समर्थन अभियान चलाती है। बीजेपी के सारे अभियान में उसके बड़े नेता शामिल होते हैं। यूपी का सीएम होने के बाद भी योगी आदित्यनाथ जब बनारस आये थे तो संपर्क फॉर संमर्थन अभियान में कई लोगों से भेंट की थी। बीजेपी को इस बात का फायदा मिलता है। जनता की नाराजगी भी मिलने से थोड़ी कम हो जाती है और जनता को लगता है कि कोई पार्टी उसके बीच की है। बीजेपी की इस रणनीति का विरोधी दल काट नहीं निकाल पाये हैं जिसके चलते ही उन्हें चुनाव में पटखनी खानी पड़ती है।
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विरोधी दल नहीं चला रहे अभियान
राहुल गांधी, अखिलेश यादव से लेकर मायावती तक गठबंधन के तहत सीटों की संख्या तय करने में जुटे हुए हैं। विरोधी दल अभी तक कोई ऐसा अभियान चलाते नहीं दिखे हैं जो जनता से सीधा जुड़े सके। विरोधी दलों ने नोटबंदी, जीएसटी से लेकर केन्द्र सरकार की कई योजनाओं का विरोध किया था। विरोधी दलो का मत था कि यह योजना गरीबों के लिए नुकसानदायक है। नोटबंदी व जीएसटी को लेकर जनता के एक वर्ग में असंतोष भी थी इसके बाद भी विरोधी दल इस असंतोष को मुद्दा नहीं बना पायी। इसकी प्रमुख वजह जनता से सीधा जुडऩा नहीं था। बड़े नेता ट्वीट करके बीजेपी पर हमला करते हैं, यदि जनता के बीच जाते तो बीजेपी से जुड़ी नाराजगी को भुनाने का मौका मिलता। लोकसभा चुनाव 2019 में अभी थोड़ा समय है इसलिए विरोधी दल के पास अंतिम मौका बचा है यदि वह अभी जनता के बीच नहीं जायेंगे तो बीजेपी को बड़ा लाभ मिल सकता है।
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