
CM Yogi Adityanath and Akhilesh Yadav
वाराणसी. यूपी की सत्ता व नगर निगम में ताकत दिखाने के बाद बीजेपी ने सपा के अंतिम बचे किले को ध्वस्त करने की तैयारी शुरू कर दी है। इन सीटों पर 10 जनवरी के बाद चुनाव हो सकता है। केन्द्र से लेकर यूपी तक में बीजेपी की सरकार है इसलिए भगवा दल को लगता है कि थोड़ी मेहनत की जायेगी तो बड़ी जीत मिल सकती है। सपा ने भी अपने किले को बचाने के लिए गोलबंदी तेज कर दी है। बसपा व कांग्रेस ने अभी इन चुनावों को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है।
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यूपी में अब सहकारी समितियों के चुनाव होने हैं। बनारस की बात की जाये तो यहां पर प्रबंध कमेटी के लिए 245 समितियों का चुनाव होना है। 27 दिसम्बर से ही चुनाव की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। आमतौर पर माना जाता है कि जिसकी सरकार होती है उसके अधिक प्रत्याशी इस चुनाव में जीत कर आते हैं। बसपा के शासनकाल में भी सपा ने ही अधिक सीट जीती थी इस बार की स्थिति बहुत अलग है। यूपी में बीजेपी की ताकत बहुत अधिक हो चुकी है और निकाय चुनाव से पहले ही बीजेपी ने जिस तरह से जिला पंचायत अध्यक्ष पर कब्जा करने का अभियान चलाया था इससे साफ हो जाता है कि बीजेपी किसी हाल में इन सीटों पर चुनाव हारना नहीं चाहती है। बनारस की बात की जाये तो विधानसभा में सपा को एक भी सीट नहीं मिली है। निकाय चुनाव में भी सपा को पिछले बार की तुलना में बहुत कम सीट मिली है। सपा की जिला पंचायत अध्यक्ष अपराजिता सोनकर भी बीजेपी में शामिल हो चुकी है। ऐसे में सहकारी समिति ही सपा का अंतिम किला बचा है जिसे ध्वस्त करने में बीजेपी जुट गयी है।
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बीएसपी व कांग्रेस की स्थिति स्पष्ट नहीं
बीएसपी व कांग्रेस की स्थिति स्पष्ट नहीं है। सपा व बीजेपी के लोग ही चुनाव की तैयारी में जुट गये हैं। बसपा व कांग्रेस क्या करेगी। इसका बाद में खुलासा हो सकता है। सहकारी समिति का चुनाव सपा के लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण है अब देखना है कि किस दल को जीत मिलती है।
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Published on:
29 Dec 2017, 7:25 PM IST
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