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बीजेपी सांसदों की उड़ गयी है नीद, संघ के सहारे नैया पार लगाने की तैयारी

किन एमपी का कटेगा टिकट यह तय नहीं, विरोधी पाले में भी जाने को नहीं मिलेगा मौका
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वाराणसी

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Devesh Singh

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Updated: 14 Mar 2019, 5:50 PM IST

BJP

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वाराणसी. बीजेपी सांसदों की नीद उड़ी हुई है। पार्टी आलाकमान ने संकेत दिया है कि फीडबैक खराब मिलने पर लोकसभा चुनाव 2019 में एमपी का टिकट काटा जायेगा। बीजेपी ने विभिन्न माध्यमों से सांसदों का फीडबैक लिया है। इसके बाद से ही सांसद परेशान है। कुछ सांसद तो टिकट बचाने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शरण में पहुंच गये हैं। ऐसे सांसदों को लगता है कि संघ के आशीर्वाद से ही चुनावी नैया पार लग पायेगी।
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बीजेपी ने अभी प्रत्याशियों की सूची जारी नहीं की है। सूत्रों की माने तो जल्द ही पार्टी की सूची जारी होने वाली है। कई सांसद तो दिल्ली में ही डेरा डाले हुए हैं ताकि यह पता चल सके कि किसका टिकट कट रहा है और किसे प्रत्याशी बनाया जायेगा। बीजेपी ने एजेंसी व अन्य माध्यमों से अपने सांसदों के कामकाज का सर्वे कराया है। सर्वे के बाद जातीय व विरोधी दलों के समीकरण को देखते हुए ही प्रत्याशी का चयन किया जायेगा। पूर्वांचल की बात की जाये तो यहां की स्थिति सबसे खराब है। वाराणसी सीट से खुद पीएम नरेन्द्र मोदी चुनाव लडऩे वाले हैं ऐसे में बीजेपी नहीं चाहती है कि आस-पास के जिलों के सांसदों की खराब रिपोर्ट मिलने के बाद भी उन्हें टिकट दिया जाये। यदि ऐसा किया गया तो इसका असर पीएम नरेन्द्र मोदी के चुनाव पर भी पड़ सकता है।
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विरोधी खेमे में जाने का नहीं मिलेगा अधिक मौका
यदि बीजेपी ने सांसदों का टिकट काटा तो उनके पास विरोधी खेमे में जाने का भी मौका नहीं मिलेगा। अखिलेश यादव व मायावती का गठबंधन हो जाने के बाद सपा व बसपा के पास अपने सारे नेताओं को देने के लिए टिकट नहीं बचा है। कांग्रेस कितने सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इसको लेकर अभी तक अटकले ही लग रही है। शिवपाल यादव व राजा भैया की पार्टी में जाने से बहुत अधिक लाभ होने की संभावना कम है इसलिए कुछ संशकित सांसदों ने अन्य दलों में भी सेंधमारी का प्रयास शुरू कर दिया है, जिससे टिकट कटने पर अन्य दल से चुनाव लडऩे का मौका बचा रहे।
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