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बसपा के दबंग नेता अतुल राय के करीबी को मिली जमानत, कोर्ट ने सुनाया निर्णय

ठेकेदार पर जानलेवा हमला करना व दहशत के लिए हवाई फायरिंग करने का है आरोप, जानिए क्या है कहानी
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वाराणसी

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Devesh Singh

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Updated: 22 Dec 2017, 7:09 PM IST

Court

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वाराणसी. बाहुबली मुख्तार अंसारी के खास बसपा के दबंग नेता अतुल राय के सहयोगी को शुक्रवार को कोर्ट ने जमानत दे दी है। विशेष न्यायधीश (भ्रष्टाचार निवारण प्रथम) डीसी सामन्त की अदालत ने शोभित सिंह उर्फ गोलू को एक-एक लाख की दो जमानत देने पर जमानत देने का निर्देश दिया है। गोलू पर लंका थाना क्षेत्र के डाफी टोल प्लाजा के समीप ठेकेदार व जानलेवा हमला करना व दहशत फैलाने के इरादे से फायरिंग करने का आरोप है।
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बाहुबली मुख्तार अंसारी के खास अतुल राय पर भी इस हमले में शामिल होने का आरोप लगा है, लेकिन हाईकोर्ट से गिरफ्तारी का स्टे मिलने के चलते ही पुलिस ने बसपा नेता को जेल नहीं भेज पायी थी। पुलिस ने फायरिंग मामले में ही अतुल राय व उनके सहयोगी शोभित सिंह को पकड़ा था। लंका पुलिस ने कोर्ट में दोनों लोगों को प्रस्तुत करके रिमांड देने की मांग की थी इस पर कोर्ट ने हाईकोर्ट में गिरफ्तारी पर मिले स्टे के चलते अतुल रायत को छोडऩे को कहा था जबकि इसी मामले में शोभित सिंह को जेल भेज दिया गया था। कोर्ट से जमानत मिलने के बाद इस प्रकरण के सारे आरोपी बाहर हो गये हैं।
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निकाय चुनाव परिणाम आने के बाद हुई थी कार्रवाई
यूपी निकाय चुनाव परिणाम आने के बाद ही मुख्तार अंसारी के खास अतुल राय पर कार्रवाई हुई थी। चर्चा थी कि अतुल राय के चलते ही गाजीपुर के कई सीटों पर बीजेपी को तगड़ी हार मिली थी। अतुल राय ने सार्वजनिक मंच से बीजेपी के वरिष्ठ नेता मनोज सिन्हा को चुनौती भी दी थी इसके बाद ही पुलिस सक्रिय हुई थी और अतुल राय व उनके सहयोगी को एक कार्यक्रम में जाते समय गिरफ्तार कर लिया गया था। गौरतलब है कि ठेकेदार सर्वेश चंद्र त्रिपाठी ने ६ जुलाई को डाफी स्थित टोल प्लाजा पर अतुल राय व उनके सहयोगी पर फायरिंग करने का आरोप लगाया था और दिसम्बर में जाकर अतुल राय को पकड़ा गया था इससे साफ हो जाता है कि निकाय चुनाव परिणाम के बाद ही सरकार को कार्रवाई की याद आयी थी।
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