संसदीय चुनाव 2014 के बाद यूपी विधानसभा चुनाव 2017 बसपा के लिए बेहद खराब था। संसदीय चुनाव में बीएसपी का खाता नहीं खुला और विधानसभा में बहुमत का सपना देख रही पार्टी के 19 विधायक ही चुनाव जीत पाये हैं। इन परिस्थितियों में बसपा को फिर से अपनी ताकत दिखाने के लिए नगर निगम का चुनाव जीतना बहुत जरूरी है। सपा, कांग्रेस, बीजेपी व आप की बात की जाये तो इन दलों के राष्ट्रीय व प्रदेश स्तर के नेताओं ने अपने प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार व रोड शो किया है, लेकिन बसपा के किसी बड़े नेता ने प्रत्याशियों का चुनाव प्रचार नहीं किया, जबकि इस चुनाव का परिणाम बसपा का भविष्य तय करेगा।
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