
वाराणसी. सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार के दावे की हवा निकलने लगी है। विपक्ष में रहते हुए बीजेपी ने अखिलेश यादव पर जमकर आरोप लगाये थे जब खुद सरकार में आये तो सपा को मात देते हुए कानून का उल्लंघन करने वालों को बचाने में ही बीजेपी जुट गयी है। इसके चलते अवैध कब्जा करने वालों का हौसला बुलंद हो रहा है।
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सीएम योगी आदित्यनाथ से लेकर नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने वरुणा कॉरीडोर से अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया है। बीजेपी सरकार के गठन के बाद लग रहा था कि बीजेपी सरकार अब अतिक्रमण करके नदी की दिशा बदलने वालों पर सख्त कार्रवाई करेगी। सीएम योगी आदित्यनाथ के सारे दावे हवा हो चुके हैं। अतिक्रमण करने वालों से मिलीभगत के चलते बीजेपी विधायक ने वरुणा नदी के बचाने वाली मुहिम में पलीता लगा दिया है इसके बाद सीएम योगी के अधिकारियों ने बिना अतिक्रमण हटाये ही वरुणा कॉरीडोर का निर्माण करा दिया है इससे साफ हो जाता है कि बीजेपी सरकार ने पहले जो दावे किये थे वह राजनीतिक जुमला साबित हुआ है और सरकार की लचर नीति के चलते वरुणा नदी की दिशा ही बदल जायेगी।
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अतिक्रमण हटाने वाले युवा आईएस को हटाया, फिर करने लगे विधायक व अधिकारी खेल
वरुणा कॉरीडोर का अतिक्रमण हटाने में जुटे युवा आईएएस पुलकित खरे को एक विधायक की शिकायत पर हटा दिया गया। इसके बाद वर्षों से जमे अधिकारियों ने स्थानीय नेताओं के साथ खेल करते हुए बिना अतिक्रमण हटाये ही वरुणा कॉरीडोर का निर्माण शुरू करा दिया। सपा सरकार पर भ्रष्टाचार व भूमाफियाओं के संरक्षण का आरोप लगाने वाली योगी सरकार की कार्यप्रणाली से नदी की सेहत को नुकसान पहुंच रहा है इसके बाद भी बीजेपी के मंत्री सख्त कार्रवाई करने का बयान देते हैं और पर्दे के पीछे काम चलवाते रहते हैं। इससे साफ हो जाता है कि वरुणा कॉरीडोर में अब अतिक्रमण हटाना संभव नहीं है और रईसों के साथ बीजेपी नेताओं की मिलीभगत का खामियाजा किसानों से लेकर आम आदमी को उठाना तय है।
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