4 नवंबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

वाराणसी
अतिक्रमणकारियों को बचाने के लिए वरुणा नदी के अस्तित्व को ही लगा दिया दांव पर
Play video

अतिक्रमणकारियों को बचाने के लिए वरुणा नदी के अस्तित्व को ही लगा दिया दांव पर

पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र का हाल, अतिक्रमण हटाने के लिए की कार्रवाई तो कर दिया तबादला
Follow Patrika on Google News
Google source verification

वाराणसी

•

image

Devesh Singh

•

Updated: 15 Jun 2018, 4:49 PM IST

वाराणसी. पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में अतिक्रमणकारियों को बचाने के लिए वरुणा नदी के अस्तित्व को ही दांव पर लगा दिया। सीएम योगी आदित्यनाथ से लेकर नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने साल भर से सिर्फ कार्रवाई का आश्वासन दिया और पर्दे के पीछे से बीजेपी विधायक व अधिकारी खेल खेलते रहे। वीडीए की रिपोर्ट में वरुणा नदी के पेटा में अतिक्रमण कर दर्जनों भवन व होटल बनाने की रिपोर्ट है इसके बाद भी आज तक नदी के अस्तित्व को बचाने के लिए यूपी सरकार ने खतरनाक चुप्पी साधे रही। यूपी सरकार की मंशा पर उस समय सबसे बड़ा सवाल खड़ा हो गया जब एक आईएएस अधिकारी ने नदी किनारे बनाये गये होटल पर जेसीबी चलाया तो उसका तबादला कर दिया।
यह भी पढ़े:-भूल जायेंगे टॉयलेट एक प्रेम कथा मूवी, जब इस शौचालय निर्माण की सुनेंगे कहानी




अखिलेश यादव व मायावती पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा कर सत्ता में आयी बीजेपी सरकार की कार्यप्रणाली ने वरुणा नदी को बर्बादी की कगार पर ला दिया है। आश्चर्य की बात है कि वरुणा पुल से ही देखा जा सकता है कि किस तरह नदी के किनारे पर होटल व बड़े आवास बना कर वरुणा की धारा हो की मोड़ दिया गया। वरुणा नदी के किनारे का यह हिस्सा बेहद महत्वपूर्ण होता है जब वरुणा में बाढ़ आती है तो नदी के पेटे में पानी भर जाता है जिसके चलते पानी शहर तक नहीं पहुंचता है अब नदी के पेटा पर भवन बना दिया गया है। वरुणा में अब बाढ़ आयेगी तो दूसरे तरफ पानी बढ़ेगा। इसके चलते नदी अपनी दिशा बदलने लगी है जिससे उसके अस्तित्व पर ही खतरा मंडराने लगेगा। सरकार से लेकर अधिकारियों को इस बात की जरा भी चिंता नहीं है कि नदी का भविष्य क्या होगा। इन लोगों को सिर्फ उद्योगपतियों का हित ही अधिक महत्वपूर्ण है।
यह भी पढ़े:-एक तरफ एडीजी व आईजी की पैदल गश्त, तो दूसरी तरफ मनबढ़ो की फायरिंग

पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में यह हाल
पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में जब सरकार का यह हाल है तो अन्य जगहों का हाल समझा जा सकेगा। पीएम मोदी ने खुद मां गंगा की स्थिति सुधारने का वादा किया है। पीएम सरकार ने गंगा की स्थिति को सुधारने के लिए करोड़ों रुपये की योजना चलायी है इसके बाद भी गंगा की स्थिति अभी नहीं सुधरी है जबकि यूपी सरकार तो वरुणा नदी की बलि लेने की तैयारी में है।
यह भी पढ़े:-बीजेपी के सहयोगी दल के नेता ने की शिवपाल यादव से मुलाकात, बंद कमरे में हुई वार्ता

अखिलेश सरकार भी रही बैकफुट पर
अखिलेश यादव की सरकार में ही ड्रीम प्रोजेक्ट वरुणा कॉरीडोर पर काम शुरू हुआ था उस समय अखिलेश यादव ने वरुणा नदी के किनारे किये गये अतिक्रमण को हटाने का निर्देश दिया था। वीडीए भी सक्रिय हो गया था लेकिन बीजेपी के एक विधायक ने अतिक्रमणकारियों को बचाने के लिए आंदोलन शुरू कर दिया था जिसके बाद सपा सरकार बैकफुट पर आ गयी थी। सीएम योगी सरकार में वीडीए के तत्कालीन वीसी पुलकित खरे ने अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया था तो बीजेपी के विधायक ने उनका जिले से बाहर तबादला करा दिया। इसके बाद सीएम योगी से लेकर नगर विकास मंत्री सिर्फ आश्वासन देते रहे, लेकिन अतिक्रमण नहीं हटा।
यह भी पढ़े:-पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में हुई पांच बड़ी घटना जो बताती है कि सीएम योगी सरकार की नहीं है हनक

पूरा हो गया वरुणा कॉरीडोर तो नहीं हट पायेगा अतिक्रमण
201 करोड़ रुपये से डीएम बंगले के पीछे से सरायमोहना (11.3) किलोमीटर तक वरुणा कॉरीडोर का निर्माण हो रहा है। निर्माण के तहत दोनों किनारे पर पाथ वे, ग्रीन बेल्ट, पक्के घाट, हाईमास्ट, बैठने के लिए कुर्सी, पानी में नाव चलाने की तैयारी है। वर्तमान समय में वरुणा कॉरीडोर का 70 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है। अतिक्रमण को हटाये बिना ही वरुणा कॉरीडोर बन जायेगा तो फिर कार्रवाई करना असंभव होगा। शासन की भी यही मंशा लगती है कि एक बार कॉरीडोर बन जाये तो फिर उद्योगपतियों के महल व आवास सुरक्षित हो जायेंगे।
यह भी पढ़े:-मुलायम सिंह यादव के ऐलान से आजमगढ़ को लगा तगड़ा झटका, अब इस बाहुबली को मिल सकता है फायदा