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गोरखपुर चुनाव में सीएम योगी ने दी बीजेपी को बड़ी राहत, सपा की बढ़ गयी परेशानी

उपचुनाव के पहले बदल गया समीकरण, जानिए क्या है कहानी
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वाराणसी

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Devesh Singh

•

Updated: 27 Feb 2018, 1:11 PM IST

CM Yogi Adityanath

CM Yogi Adityanath

वाराणसी. गोरखपुर उपचुनाव में सीएम योगी आदित्यनाथ ने बीजेपी को बड़ी राहत दे दी है। सीएम योगी के नये बयान से सपा की मुश्किले बढ़ गयी है। सीएम योगी ने सभी कयासों को विराम देते हुए नये समीकरण को जन्म दे दिया है। इसके चलते बीजेपी को चुनाव में फायदा हो सकता है।
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बीजेपी ने सीएम योगी के विरोधी खेमे के उपेन्द्र शुक्ला को उपचुनाव का टिकट दे दिया है जिसके बाद से सीएम योगी नाराज हो गये थे। सीएम योगी जिस सीट से पांच बार सांसद थे उसी सीट पर बीजेपी के प्रत्याशी के समर्थन में नामांकन कराने तक नहीं पहुंचे थे। सीएम योगी के नाराजगी से बीजेपी भी परेशान हो गयी थी और जब बीजेपी प्रत्याशी ने नामांकन किया था उसी दिन देर शाम को बीजेपी ने सीएम योगी के खास माने जाने वाले धर्मेन्द्र सिंह को पार्टी का क्षेत्रीय अध्यक्ष बना दिया था इसके बाद से सीएम योगी की नाराजगी कम हो गयी थी और खुद सीएम ने चुनाव प्रचार की कमान संभाल ली है जिसके बाद से सीएम योगी का खेमा भी बीजेपी प्रत्याशी को जीताने में जुट गया है।
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सार्वजनिक मंच से सीएम योगी ने कही यह बात
सार्वजनिक मंच से सीएम योगी ने कहा कि विष्णु दत्त शुक्ला को उन्होंने ही प्रत्याशी बनाया है। पिपराइच में हुई सभा में सीएम योगी ने कहा कि बीजेपी प्रत्याशी को जीताना है क्योंकि मैंने ही उनका चयन किया है। सीएम योगी के बयान से साफ हो जाता है कि अब प्रत्याशी को लेकर बीेजेपी खेमे में किसी तरह का विवाद नहीं है। गोरखपुर उपचुनाव के लिए 11 मार्च को वोटिंग होने वाली है। सीएम योगी की प्रतिष्ठा की सीट पर भगवा पार्टी को सबसे अधिक टक्कर सपा से मिल रही है। बीजेपी प्रत्याशी से सीएम योगी की नाराजगी का सबसे अधिक फायदा सपा को पहुंचता, लेकिन अब ऐसा नहीं हो पायेगा।
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ब्राह्मण वोटरों में सेंधमारी होगी कठिन
सपा ने निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा.संजय निषाद के बेटे इंजीनियर प्रवीन को प्रत्याशी बनाया है। गोरखपुर में निषाद वोटरों की संख्या भी बहुत अधिक है। बीजेपी ने यहां पर ब्राह्मण प्रत्याशी उतारा है। निषाद पार्टी के एकमात्र विधायक विजय मिश्रा भी चुनाव प्रचार के लिए नहीं जा रहे हैं, जिसके चलते सपा व निषाद पार्टी के लिए ब्राह्मण वोटरों में सेंधमारी कठिन हो गयी है इसके बाद सीएम योगी के बीजेपी नेता को अपना प्रत्याशी बताने से सपा की मुसीबत बढ़ गयी है।
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