
वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में सोमवार को कांग्रेस ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। दोनों ही सरकारों पर कांग्रेसजन ने जम कर अपनी भड़ास निकाली। चाहे वह मंहगाई का मुद्दा हो या किसानों के कर्जमाफी का या हो बेरोजगारी या महिला सुरक्षा का। वे यहीं शांत नहीं रहे बल्कि उन्होंने प्रदेश की ध्वस्त हो चुकी कानून व्यवस्था को भी निशाने पर लिया। जिले की तीनों तहसीलों पर आयोजित धरने के बाद राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया।
प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर सोमवार को हर जिले में कांग्रेस ने बीजेपी सरकारों के विरुद्ध प्रदर्शन किया। धरना दिया। बनारस में सदर तहसील पर धरने का नेतृत्व जहां प्रदेश उपाध्यक्ष दिग्विजय सिंह और पूर्व विधायक अजय राय ने किया तो राजातालाब तहसील मुख्यालय पर प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ राजेश मिश्र मौजूद रहे। वहीं पिंडरा तहसील में त्रिभुवन पांडेय के नेतृत्व में धऱना दिया गया। इन तीनों ही तहसीलों पर आज कांग्रेसजनों की तादाद भी अच्छी खासी नजर आई। कांग्रेसियों ने केंद्र और राज्य दोनों ही सरकारों को हर मोर्चे पर विफल करार दिया। कहा कि एक ने चार साल पहले नौजवानों, किसानों, महिलाओं, मजदूरों सभी को सपने दिखा कर गुमराह किया। लेकिन अब जनता समझने लगी है। खास तौर पर नोटबंदी और जीएसटी लागू होने के बाद से हर तबके के समझ में आ गया है कि ये सरकार केवल सपने दिखा सकती है। कहा कि ये सरकार चाहे व केंद्र की हो या राज्य की बड़ी-बड़ी बातें करती हैं, बेटी बचाओ का नारा दिया और खुद इनके विधायक और मंत्री बेटियों की आबरू छीनने में लगे हैं और ऊपर से शीर्ष पदों पर आसीन लोग उन आरोपियों को सजा दिलाने की बजाय उन्हें बचाने में लगे हैं। कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि पीएम, सीएम, डिप्टी सीएम तीनों के शहर में आए दिन खुले आम हत्या हो जा रही है। एक हफ्ते में चार-चार हत्याओं का गवाह बन चुका है पीएम का संसदीय क्षेत्र तो डिप्टी सीएम के क्षेत्र में बीजेपी पार्षद और वकील की हत्या हो जा रही है। वहीं सीएम प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के क्षेत्र में सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की दत्तक पुत्री की सरेआम हत्या कर दी गई। उधर गोरखपुर भी इससे अछूता नहीं।
कांग्रेसजनों ने कहा कि किसानों के कर्ज माफी का वायदा किया था इस भाजपा ने, यूपी विधानसभा चुनाव से पहले। लेकिन सत्ता में आने के बाद जो किया वह सबके सामने है। आज तक सभी किसानों को उस कर्ज माफी का लाभ नहीं मिल सका और साल भर बीत गया। विकास की बात हो या बेरोजगार की बात सभी बेमानी साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी सरकार को सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार ही नहीं रह गया है। पीएम जो मिनट दो मिनट की बिजली गायब होने पर पूर्व सीएम पर तंज कसा करते थे, अब तो दिन-दिन भर बिजली गुल रह रही है। यूपी बोर्ड परीक्षा पर तंज किया था, लेकिन इस बार जिस तरह से परीक्षा हुई और जैसा परिणाम आया वह सबके सामने है। योगी राज में यूपी बोर्ड ने रिजल्ट का रिकार्ड बना दिया। खुलासा हुआ तो बोली नहीं निकल रही है किसी की।
तीन तहसीलों पर धरना देने वालों में जिलाध्यक्ष प्रजानाथ शर्मा, हर्षवर्धन सिंह, आनंद सिंह रिंकू, राजेश्वर पटेल, महेंद्र पटेल, आशीष सिंह, राम श्रृंगार, देवेंद्र सिंह, राकेश चंदर, रविशंकर पाठक (राजातालाब तहसील), महानगर अध्यक्ष सीता राम केशरी, मेयर प्रत्याशी शालिनी यादव, अशोक पांडेय, बैजनाथ सिंह, पार्षद रमजान अली, साजिद अंसारी, डॉ संजय सिंह, अनीसुर्रहमान, राघवेंद्र चौबे, राम सुधार मिश्र (सदर तहसील), श्री प्रकाश सिंह, रामसनेही पांडेय, भोला सिंह, ताराशंकर सिंह, राजीव राम, पनारू राम (पिंडरा तहसील) आदि प्रमुख रहे।

