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वाराणसी. चोलापुर में शंकर मौर्य के हत्यारोपी का पुलिस हिरासत में ब्लेड मारने की चिकित्सकीय रिपोर्ट नहीं लगाना चिकित्सक को भारी पड़ गया है। शनिवार को सीजेएम जेपी यादव की अदालत ने इस मामले पर गंभीर रुख अपनाते हुए चोलापुर थाना प्रभारी व चिकित्सक को तलब किया है। कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 5 नवम्बर को होगी।
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चोलपुर पुलिस ने कटारी गांव में वृद्ध शंकर मौर्य की हत्या में ३१ अक्टूबर को प्रीतम यादव, संतोष राजभर व राजू कन्नौजिया को पकड़ा था। आरोप है कि पुलिस हिरासत में ही राजू कन्नौजिया ने ब्लेड से हाथ की नस काट कर जख्मी कर लिया था। चोलापुर पुलिस ने तीनों आरोपियों को जेल भेजने से पहले उनका मेडिकल कराया था। आरोप है कि मेडिकल में चिकित्सक ने राजू कन्नौजिया के मेडिकल रिपोर्ट व ब्लेड से नस काटे जाने का जिक्र नहीं था। चोलापुर पुसिल ने भी अपनी रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख नहीं किया था। शनिवार को सीजेएम जेपी यादव की अदालत में आरोपी के वकील अधिवक्ता विधान चंद्र यादव व उपेन्द्र राणा ने कोर्ट से मेडिकल व चोलापुर पुलिस की रिपोर्ट पर आपत्ति दर्ज करायी। सुनवाई के बाद सीजेएम ने मेडिकल करने वाले चिकित्सक व चोलापुर थाना प्रभारी को ५ नवम्बर को कोर्ट में व्यक्तिगत रुप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। कोर्ट का आदेश के बाद हड़कंप मचा है।
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पुलिस ने किया था हिरासत में ब्लेड से नस नहीं काटने का दावा
एसपीआरए अमित कुमार ने बकायदे प्रेस कांफ्रेंस करके तीनों आरोपियों की जानकारी मीडिया को दी थी। उस समय पुलिस ने दावा किया था कि राजू कन्नौजिया ने पुलिस हिरासत में खुद को घायल नहीं किया था।
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Published on:
3 Nov 2018, 8:32 PM IST
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