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मायावती पर अमर्यादित बयान देने वाले दयाशंकर सिंह को बीजेपी में फिर मिला बड़ा पद

बसपा सुप्रीमो ने तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव से कहा था बुआ मानते हैं तो करें दोषी को गिरफ्तार, जानिए क्या है कहानी
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वाराणसी

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Devesh Singh

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Updated: 10 Feb 2018, 11:22 AM IST

Dayashankar Singh

Dayashankar Singh

वाराणसी. बसपा सुप्रीमो मायावती पर अमर्यादित बयान देने वाले दयाशंकर सिंह को फिर बीजेपी ने बड़ा पद किया है। बीजेपी द्वारा सूची के अनुसार बलिया निवासी दयाशंकर सिंह को एक बार फिर से प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। दयाशंकर सिंह की पत्नी स्वाति सिंह पहले ही सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री है।
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यूपी चुनाव से भी दयाशंकर सिंह को प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली थी, लेकिन दयाशंकर सिंह ने बसपा सुप्रीमो मायावती को लेकर अमर्यादित बयान दे दिया था, जिसके बाद प्रदेश में सियासी तुफान मचा था। बसपा ने इसे बड़ा मुद्दा बना लिया था और सड़क पर उतर कर बसपा समर्थकों ने आंदोलन शुरू कर दिया था। दयाशंकर सिंह ने इतनी अमर्यादित बात कही थी कि बीजेपी को बैकफुट पर आना पड़ा था और बाद में प्रदेश अध्यक्ष के पद से भी उन्हें हटा दिया गया था। इसके बाद बसपा में रहे कद्दावर नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने दयाशंकर सिंह व उनके परिवार को लेकर अभद्र बात कह दी थी। इसके बाद दयाशंकर सिंह की पत्नी स्वाति सिंह ने बसपा के खिलाफ मोर्चा खोला था। राजनीति से दूर रहने वाली स्वाति सिंह ने अपनी बेटी के लिए ऐसी लड़ाई लड़ी थी कि बसपा के बड़े नेताओं को बैकफुट पर आना पड़ गया था और इसी जंग के साथ स्वाति सिंह के राजनीतिक जीवन का उदय हुआ था, जिसके बाद चुनाव जीतने पर उन्हें मंत्री तक बनाना पड़ा।
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मायावती ने तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव से कहा था बुआ मानते हैं तो करें दोषी को गिरफ्तार
बसपा सुप्रीमो मायावती पर अमर्यादित बयान देने वाले दयाशंकर सिंह के खिलाफ सपा सरकार में मुकदमा दर्ज हुआ था इसके बाद दयाशंकर सिंह फरार हो गये थे। पुलिस की लगातार दबिश के बाद भी दयाशंकर सिंह को पकडऩे में कामयाबी नहीं मिली थी। इसके बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने सपा ने तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से कहा था कि उन्हें बुआ तो कहते हैं यदि बुआ मानते हैं तो दयाशंकर सिंह को पकड़ कर दिखाये। इसके बाद सक्रिय हुई पुलिस ने दयाशंकर सिंह को जेल के पीछे भेजा गया था बाद में वह जमानत पर बाहर आ गये थे।
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बेटी के सम्मान में बीजेपी मैदान में
स्वाति सिंह के जबरदस्त पलटवार के बाद बीजेपी ने भी बसपा व सपा के खिलाफ मोर्चा खोला था। दयाशंकर सिंह की बेटी पर अभद्र बयान देने के खिलाफ नसीमुद्दीन सिद्दीकी पर लखनऊ में पास्को एक्ट में मुकदमा दर्ज हुआ था और नसीमुद्दीन सिद्दीकी की गिरफ्तारी के लिए बीेजेपी ने बड़ा आंदोलन किया था। आंदोलन का नाम बेटी के सम्मान में बीजेपी मैदान में रखा गया था। बीजेपी ने दयाशंकर सिंह को फिर से प्रदेश उपाध्यक्ष बना कर पुराने मामले को हवा दे दी है।
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