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मधुमेह है तो ऐसे करें इलाज, चंद दिनों में दूर होगी समस्या

आखिर पुरुषों से अधिक क्यों हो रही महिला इस बीमारी से पीडि़त, जानिए कैसे कराये इलाज
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वाराणसी

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Devesh Singh

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Updated: 2 Oct 2018, 1:59 PM IST

diabetes

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वाराणसी. मधुमेह का नाम सुनते ही लोगों के मन में एक निराशा छा जाती है लगता है कि जीवन में सब कुछ खत्म हो गया है। पहले की तरफ अब भाग-दौड़ नहीं कर पायेंगे। दवा खाये बिना जीवन का गुजारा नहीं होने वाला है। बीमारी के कारण हमारा शरीर कमजोर हो जायेगा और जीवन में पहले जैसी खुशियां नहीं रहेगी। मधुमेह से पीडि़त होने वाले व्यक्ति के मन में ऐसे ही विचार आते हैं जबकि इसमे सच्चाई नहीं है। मधुमेह पीडि़त व्यक्ति पहले से अधिक स्वस्थ्य रह सकता है बस उसे थोड़ा जागरूक होते हुए संयमित दिनचर्या का पालन करना होगा। हमारे ऋषि-मुनियों ने आयुर्वेद के जरिए हमे सभी बीमारी से लडऩे की ताकत दे गये हैं जिन्हें हम भूल चुके थे लेकिन अब आयुर्वेद ने उन बीमारियों को नियंत्रित करके दिखा दिया है जो मॉर्डन मेडीसीन के लिए चुनौती बनी हुई है।
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मधुमेह को लेकर कहा जाता था कि यह अनुवांशिक बीमारी है या फिर जो लोग 40 साल की आयु पार कर चुके हैं उन्हें मधुमेह होने का सबसे अधिक खतरा होता है लेकिन ऐसा नहीं है। मधुमेह अब किसी उम्र के व्यक्ति को हो जाता है। पुरुषों से अधिक महिलाओं में मुधमह की बीमारी हो रही है। मुख्य वजह खानपान व व्यायाम नहीं करना है। फास्ट फ्रूड खाने वाले बच्चे भी मधुमेह से पीडि़त हो रहे हैं। इससे साफ हो जाता है कि बढ़ती आयु नहीं अनियमित दिनचर्या हमारे शरीर को कमजोर कर रही है जिससे मधुमेह जैसी बीमारी का हम शिकार हो रहे हैं।
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IMAGE CREDIT: Patrika

आयुर्वेद में है सटीक इलाज, आप भी आजमा सकते हैं
मधुमेह का सबसे अच्छा इलाज आयुर्वेद में है जिसे मधुमेह पीडि़त आजमा सकता है। चौकाघाट स्थित राजकीय आयुर्वेद कॉलेज के डा.अजय कुमार गुप्ता ने बताया कि हमारे अस्पताल में प्रतिदिन मधुमेह के दर्जनों रोगी इलाज कराने आते हैं। कुछ दिन इलाज कराने के बाद अंग्रेजी दवाओं के सेवन की जरूरत नहीं होती है। यहां तक की इंसुलिन की भी आवश्यकता नहीं होती है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक पद्वति तिक्त, कषाय व कटु औषधियों , पंचकर्म व योग के जरिए आयुर्वेद मरीजों को स्वस्थ्य किया जाता है। एक बार आयुर्वेद दवाओं से बीमारी नियंत्रित हो जाती है तो किसी दवा की आवश्यकता नहीं होती है। छह माह में एक बार आकर मरीज को जांच करानी पड़ती है।
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मधुमेह के इलाज के लिए इन दवाओं को होता है प्रयोग
डा. अजय कुमार गुप्ता ने बताया कि मधुमेह के इलाज के लिए आयुर्वेद में खास तरह की दवा का प्रयोग किया जाता हे। विजयसार, जामुन बीच चूर्ण, गुड़मार पत्र चूर्ण, न्यूगरोधात्वक चूर्ण, शिलाजीत, मेथी, दाना, करेले का रस, आंवला, हल्दी, वसंत कुसुमाकर रस, हरिशंकर रस आदि का प्रयोग कर बीमारी को नियंत्रित कर दिया जाता है।
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बेहद कारगर है आयुर्वेद का आहार चार्ट
आयुर्वेद का आहार चार्ट बेहद करगार है। आहार चार्ट के अनुसार भोजन करने से मधुमेह कभी परेशान नहीं करता है। आयुर्वेद मरीजों को प्रतिदिन चिकित्सकों द्वारा बताये गये व्यायाम अवश्यक करना चाहिए। इससे बीमारी नियंत्रित रहती है।
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जितना जानेगे उतना जियेगे
डा.अजय कुमार गुप्ता ने कहा कि मधुमेह को लेकर लोगों के मन में भ्रांतिया रहती है जिसके चलते उन्हें अधिक नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करना भी बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि जितना जानेगे उतना जियेगे नाम से एक किताब लिखी है जो मधुमेह रोगियों को ही समर्पित है। यह किताब नवम्बर में आयेगी। किताब के जरिए प्रयास किया गया है कि अधिक से अधिक लोगों को बीमारी व इलाज के प्रति जागरूक किया जाये।
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