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प्रवासी सम्मेलन से बदलेगी बनारस की तकदीर, राष्ट्रपति, पीएम व सीएम भी रहेंगे मौजूद
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प्रवासी सम्मेलन से बदलेगी बनारस की तकदीर, राष्ट्रपति, पीएम व सीएम भी रहेंगे मौजूद

सात हजार प्रवासियों के आने की संभावना, एनआरआई व संयुक्त सचिव ने तैयारियों की समीक्षा की
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वाराणसी

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Devesh Singh

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Updated: 18 Aug 2018, 6:02 PM IST

वाराणसी. प्रवासी सम्मेलन से बनारस की तकदीर बदल सकती है। 21 जनवरी 2019 से तीन दिवसीय सम्मेलन में कुछ सात हजार प्रवासी के आने की संभावना है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पीएम नरेन्द्र मोदी, मॉरीशस के पीएम जगन्नाथ, राज्यपाल राम नाईक व सीएम योगी आदित्यनाथ भी इस सम्मेलन में भाग लेंगे। शनिवार को प्रमुख सचिव अवस्थापना एंव औद्योगिक विकास व एनआरआई आरके सिंह व भारत सरकार विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव मनोज महापात्रा ने तैयारियों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिये।
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प्रवासी सम्मलेन में आने वाले अतिथियों के निवास, यातायात व सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष फोकस किया गया है। प्रमुख सचिव अवस्थापना आरके सिंह व विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव मनोज महापात्रा ने अधिकारियों से कहा कि प्रवासी लोगों के लिए आवासीय व्यवस्था हरहुआ विकास खंड के ऐढ़े में की जा सकती है। आवासीय स्थल के लिए उपलब्ध 42 एकड़ की भूमि के अतिरिक्त रिंग रोड के किनारे उपलब्ध भूमि को भी दोनों अधिकारियों ने देखा। दोनों अधिकारियों ने बड़ालालपुर स्थित पंडित दीनदयाल सांस्कृतिक संकुल को भी निरीक्षण कर वहां की व्यवस्था को देखा और आवश्यक निर्देश दिये। इस अवसर पर कमिश्रर दीपक अग्रवाल, जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह, विशेष सचिव एनआरआई अरूण सिंह, वीडीए वीसी राजेश कुमार आदि अधिकारी उपस्थित थे।
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प्रवासी सम्मेलन से बदल सकती है बनारस की तकदीर
पीएम नरेन्द्र मोदी का संसदीय क्षेत्र होने के चलते बनारस के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पिछले चार सालों में जापान, फ्रांस व जर्मनी के राष्ट्राध्यक्ष यहां पर आ चुके हैं। जी 20 सम्मेलन भी यहां पर सफलतापूर्वक आयोजित किया जा चुका है। खुद पीएम मोदी सार्वजनिक मंच से कहा चुके हैं कि बाहर के अतिथियों को यहां के लोगों ने इतना प्यार दिया है कि निवेश के रास्ते खुल चुके हैं। पीएम मोदी ने काशीवासियों को प्रवासी सम्मेलन में अपना पूरा सहयोग देने की अपील की है। माना जा रहा है कि प्रवासी सम्मेलन के सफल हो जाने के बाद यहां पर निवेश की कमी नहीं रह जायेगी। राहुल गांधी, मायावती व अखिलेश यादव के महागठबंधन ने पहले ही बनारस के विकास को लेकर निशाना साधा हुआ है। ऐसे में पीएम मोदी शहर का विकास करने के साथ निवेश के नये रास्ते खोलना चाहते हैं जिससे शहर का सम्पूर्ण विकास हो सके।
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