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डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या का प्रतिनिधि बताकर मांगी दो लाख की रंगदारी, मचा हड़कंप

ग्राम प्रधान के प्रति ने तहसील दिवस पर की शिकायत, जांच में जुटी पुलिस
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वाराणसी

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Devesh Singh

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Updated: 4 Sep 2018, 9:02 PM IST

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Deputy CM Keshav Prasad

वाराणसी. सीएम योगी आदित्यनाथ हमेशा यूपी में क्राइम कंट्रोल करने का दावा करते रहते है लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग ही दिख रही है। रोहनिया थाना क्षेत्र के चन्दापुर गांव प्रधान कुसुमलता के पति विजयी राम ने मंगलवार को तहसील दिवस पर उपजिलाधिकारी राजातालाब को प्रार्थना पत्र देकर अज्ञात व्यक्ति पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या का प्रतिनिधि बता कर दो लाख की रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है। इस बात की जानकारी होते ही हड़कंप मच गया है। सीओ सदर अंकिता सिंह से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने ऐसा प्रकरण संज्ञान में नहीं होने की बात बतायी।
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चंदापुर गांव के प्रधान कुसुमलता के पति विजयी राम ने कहा कि एक सितम्बर को सुबह उनके मोबाइल पर अज्ञात नम्बर से फोन आया। फोन करने वाला खुद को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या का प्रतिनिधि बता रहा था। फोन करने वाले ने कहा कि यदि दो लाख रुपये रंगदारी में नहीं मिले तो अंजाम ठीक नहीं होगा। प्रधान पति को पहले कुछ समझ नहीं आया। प्रधानपति को लगा कि यह किसी की शरारत हो सकती है लेकिन धमकी के चलते प्रधान पति ने तहसील दिवस पर प्रार्थना पत्र देकर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
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पूर्व खनन मंत्री पर लगा है बालू व्यवसायी से कमिशन मांगने का आरोप
फोन पर इस तरह की धमकी देने का मामला नया नहीं है। कुछ माह पूर्व मुलायम सिंह यादव के करीबी व अखिलेश सरकार में खनन मंत्री रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति पर एक ठेकेदार ने जेल से फोन कर कमिशन नहीं देने पर अंजाम भुगतने की धमकी देने का आरोप लगाया था। दशाश्वमेध पुलिस ने पहले मामला दर्ज नहीं किया था। डीजीपी ओपी सिंह तक शिकायत पहुंचने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। जांच में पहले पता चला कि लखनऊ जेल से ही फोन किया गया था और फोन करने वाले पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति ही थे। पुलिस की जांच अभी जारी है इसके बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकल कर सामने आयेगा।
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