
वाराणसी. वार्निंग लेबल के पास पहुंच कर गंगा में अब घटाव शुरू हो गया है। केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार दोपहर तीन बजे बनारस में गंगा का जलस्तर 69.000 मीटर दर्ज किया गया है जो चेतावनी बिन्दु से एक मीटर नीचे है जबकि खतरे के निशान से दो मीटर है। वरुणा नदी का जलस्तर में अभी वृद्धि जारी है। बाढ़ के डर से किनारे पर रहने वाले लोगों ने पलायन शुरू कर दिया है।
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पहाड़ों पर हुई बारिश के चलते ही गंगा का जलस्तर इतना बढ़ा है। ५ सितम्बर को इलाहाबाद में गंगा का जलस्तर घटने लगा था जिसके चलते इसी दिन बनारस में भी गंगा का जलस्तर स्थिर हो गया था और गुरुवार को घटाव का दौर शुरू हो गया है। प्रति घंटे एक सेंटीमीटर की दर से गंगा घट रही है। जल आयोग की माने तो अभी घटाव का दौर जारी रहने की संभावना है। इसी बीच उत्तराखंड से पानी आता है तो गंगा एक बार फिर बढऩे लगेगी। बाढ़ की आशंका को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम को अलर्ट पर रखा गया है और डीएम सुरेन्द्र सिंह ने बाढ़ चौकियों को गठन भी कर दिया है।
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लोगों के घरों तक पहुंचा वरुणा का पानी
आम तौर पर वरुणा नदी में इतना पानी नहीं रहता है कि उसमे नाव तक चल सके। मानसून के सीजन में ही वरुणा नदी का जलस्तर बढ़ता है। गंगा में आयी बाढ़ के चलते वरुणा का जलस्तर बहुत बढ़ गया है। वरुणा नदी के किनारे रहने वाले लोगों के घरों तक पानी पहुंच गया है। बाढ़ की आशंका से सहमे हुए लोग अब अपने घरों से पलायन करना शुरू कर दिया है। वरुणा का जलस्तर बढऩे से २०१ करोड़ की लागत से बनने वाला वरुणा कॉरीडोर डूब चुका है जब बाढ़ का पानी उतरेगा तो पता चलेगा कि कॉरीडोर को कितने लाख या करोड़ का नुकसान हुआ है।
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