
dengue
वाराणसी. सरकारी अस्पताल के टाइगर भी तेजी से डेंगू फैला रहे हैं। सरकारी अस्पताल में जाने वाले मरीजों को डेंगू संक्रमित मच्छर आसानी से अपना शिकार बना लेते हैं। पीडि़त मरीज जाते हैं, जिससे मादा एडीज इजिप्टी या टाइगर मच्छर (डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के शरीर पर चीजे जैसी धारियां होती है) मरीज अन्य बीमारी का दवा लेने गया था और डेंगू से पीडि़त होकर वापस आता है। सरकारी अस्पताल के पास इतना बजट नहीं होता है कि अस्पताल परिसर में फॉगिंग करायी जाये।
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सरकारी अस्पतालों की इनडोर व आउटडोर में डेंगू पीडि़तों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इनडोर में भर्ती कुछ मरीजों को मच्छरदानी में रखा जाता है लेकिन अस्पताल प्रशासन के पास इतनी मच्छरदानी नहीं होती है कि मरीजों की संख्या बढ़ जाने पर भी को मुहैया कराया जा सके। सबसे अधिक खतरा ओपीडी में दिखाने आये मरीजों को होता है। ओपीडी में डेंगू पीडि़त से लेकर आम बुखार से प्रभावित मरीज आते हैं। अस्पताल में गंदगी के चलते मच्छरों की संख्या बहुत अधिक होती है। मादा एडीज किसी डेंगू पीडि़त को काटती है तो उसके अंदर डेंगू का वायरस आ जाता है इसके बाद यही मच्छर किसी अन्य बीमारी से पीडि़त मरीज को काटता है तो वह भी डेंगू पीडि़त बन जाता है। मरीज किसी अन्य बीमार का इलाज कराने के लिए अस्पताल जाता है और डेंगू पीडि़त होकर वापस आता है।
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पैरों में चप्पल पहन कर जाने वाले मरीजों को सबसे अधिक खतरा
सरकारी अस्पताल में आमतौर पर गरीब मरीज जाते हैं उनके पैरों में चप्पल होती है ऐसे मरीज डेंगू का सबसे आसान शिकार होते हैं। सरकारी अस्पताल में पूरे शरीर को ढक कर जाने से डेंगू होने का खतरा बेहद कम हो जाता है। सरकारी अस्पताल प्रशासन इस बात को अच्छी तरह जानता है लेकिन बजट की कमी के चलते कुछ करना संभव नहीं होता है।
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सरकारी अस्पताल में जाते समय इन बातों का रखे ध्यान
शरीर को पूरी तरह से ढंक कर जाये,चप्पल की जगह शूज का उपयोग करें,
किसी भी बीमारी से पीडि़त भर्ती मरीज को मच्छरदानी में रखे, डेंगू का मच्छर दिन में काटता है इसलिए दिन में अधिक सावधानी रखने की जरूरत है
डेंगू का लक्षण:-
ठंड लगने के साथ तेज बुखार आना
सिर, मांसपेशियों में दर्द होना
आंखों के पिछले हिस्से में दर्द होना जो आंख हिलाने पर बढ़ जाता है
चेहरे, गर्दन व छाती पर लाल-गुलाबी चकत्ते पडऩा
बुखार पीडि़त व्यक्ति के मुंह व नाक से रक्त आना
अस्पताल में रखी जाती है सफाई व्यवस्था, फॉगिंग होने से सभी को होगा फायदा
शिवप्रसाद गुप्त मंडलीय अस्पताल के मेडिकल सुप्रीटेंडेंट डा.अरिवंद सिंह का कहना है कि सरकारी अस्पताल में सफाई व्यवस्था को पूरा खयाल रखा जाता है। डेंगू पीडि़त होने के बाद मरीज की सारी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की हो जाती है यदि नियमित फॉगिंग करायी जाये तो डेंगू का असर खत्म किया जा सकता है। डा.सिंह ने कहा कि अस्पताल में भी फॉगिंग होने से अन्य मरीजों को डेंगू से संक्रमित होने का खतरा नहीं होगा। अस्पताल प्रशासन के पास फॉगिंग के लिए अगल से बजट नहीं होता है इसलिए हम लोग नगर निगम पर निर्भर रहते हैं।
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Published on:
16 Oct 2018, 1:17 PM IST
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