
वाराणसी. राज्यपाल राम नाईक ने सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार को बड़ी राहत दी है। यूपी में बोर्ड परीक्षा के दौरान नकल रोकने को लेकर सरकार ने जो सख्ती की है उसका राज्यपाल ने समर्थन किया है। राज्यपाल ने कहा कि यूपी की शिक्षा व्यवस्था काफी खराब हो गयी थी। प्रदेश के अन्य राज्यों में यहां की शिक्षा को लेकर प्रदेश की बदनामी होती थी। सरकार ने शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता में सुधार के लिए कदम उठाये हैं उससे छात्रों को ही सबसे अधिक फायदा मिलेगा।
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डीरेका में राजभाषा हिंदी पर आयोजित कार्यक्रम मेें भाग लेने के बाद राज्यपाल राम नाईक ने मीडिया से खुल कर बात की। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की जिम्मेदारी सभी की है। मैं खुद २९ विश्वविद्यालयों का कुलाधिपति हूं। मैरा भी कत्र्तव्य है कि विश्वविद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता अच्छी हो। यूपी सरकार ने नकल रोकने के लिए जो कदम उठाये हैं उसका स्वागत होना चाहिए। यूपी में ५० हजार छात्रों के हिन्दी की परीक्षा छोडऩे के प्रश्र पर राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि हिन्दी भाषा को लेकर लोगों में भ्रम हो गया है। प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को मातृभाषा हिन्दी, मराठी, गुजराती को छोड़ कर अंग्रेजी पढ़ाने की होड़ मची हुई है। लोगों का लगता है कि अंग्रेजी बढ़ाने से हम बहुत आगे जायेंगे। वास्तव में ऐसा नहीं है। मातृभाषा हिन्दी पढ़ कर हम बहुत आगे जा सकते हैं। चीन में पहले अंग्रेजी को लेकर ऐसी हालत हो गयी थी बाद में चीन ने अपनी मातृभाषा पर ध्यान दिया। हम लोगों को चीन से सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिन्दी भाषा के प्रति लोगों में जागरण लाना होगा।
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विपक्षी दलों के बर्ताव को टाल गये राजपाल
सदन में राज्यपाल के साथ विपक्षी दलों द्वारा किये गये बर्ताव के प्रश्र को राज्यपाल ने टाल दिया। राज्यपाल ने कहा कि सदन में जो कुछ हुआ है उसे जनता ने देखा है और लोग अपनी राय बनायेंगे। मीडिया भी इस मुद्दे पर अपनी राय बनानी चाहिए। इससे ज्यादा मुझे कुछ नहीं कहना है।
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