
Cantt Main post office scam
वाराणसी. यहां पर हुए घोटाले में आईएएस व पीसीएस अफसरों के करोड़ों रूपये डूब गये हैं। 10 करोड़ रुपये गोलमाल की जानकारी पहले ही सामने आ चुकी है। आईएएस व पीसीएस अधिकारियों के लिए परेशानी की बात यह है कि एक तरफ से पैसा डूबा हुआ है जबकि दूसरी तरफ खाताधारकों को नोटिस जारी करके उनसे जमा पैसा का विवरण मांगा गया है। विवरण मिल जाने के बाद यह सूची आयकर विभाग को भी भेजी जायेगी।
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बनारस के कैंट स्थित मुख्य डाकघर में करोड़ों रुपये का घोटाला हुआ है। कैंट पुलिस ने पहले ही घोटाले में कई डाक घर कर्मचारी को जेल भेज चुकी है। घोटाले की जांच चल रही है। इसके बाद ही पता चल पायेगा कि कितनी राशि का गबन हुआ है और घोटालों के लिए कौन-कौन लोग जिम्मेदार है। जांच के दौरान ही पता चला कि तीन आईएएस व दाी पीसीएस अफसर का भी खाता इस डाक घर में है जहां पर काफी पैसा जमा किया गया था। अधिकारियों ने पत्नी के नाम से डाक घर में खाता खुलवाया था। घोटाले की जांच में यह बात भी सामने आयी है कि करोड़ों रुपया फर्जी तरीके से एफडी तोड़ कर निकाला गया था। जांच में एक बात और सामने आयी है कि कुछ खातों में करोड़ों रुपये एक साथ जमा हुए थे और मैच्योर होने से पहले ही यह पैसा निकाल लिया गया था। यह पैसा खाताधारक निकाला है और फिर कोई और किसी ने। जांच में ही सच्चाई सामने आयेगी।
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जिसने जमा करायी होगी ब्लैक मनी, उसे लगेगा तगड़ा झटका
पोस्ट मास्टर जनरल का कहना है कि नोटबंदी के बाद कई खाते खोले गये थे। इन खातों में लाखों की एफडी करायी गयी थी। पत्नी व बच्चों के नाम से खोले गये इन खातों को कुछ माह बाद ही तोड़ कर रकम निकाली थी। ऐसे खातों में लगभग तीन करोड़ रुपये जमा होने की जानकारी मिली है। बताते चले कि जब खाता धारकों से उनके पैसों की जानकारी मांगी जायेगी तो सही पैसा तो लोग पता देंगे। जिसने ब्लैकमनी जमा किया होगा। वह सही पैसा नहीं बताना चाहेगा। यदि पता दिया तो आयकर विभाग के सामने साबित करना होगा कि पैसा कहा से आया।
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Updated on:
7 Nov 2019, 7:51 PM IST
Published on:
7 Nov 2019, 7:51 PM IST
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