
महात्मा गांधी काशी के राजनीति विज्ञान विभाग की दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन
वाराणसी. महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के राजनीति विज्ञान विभाग में गुरुवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन किया गया। भारतीय विदेश नीति: पूर्वाभिमुख नीति से पूर्व कार्यान्वयन नीति की क्षमता एंव सीमाएं विषयक संगोष्ठी में वक्ताओं ने खुल कर अपनी बात कही। बतौर मुख्य अतिथि जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के प्रो.गंगानाथ झा ने कहा कि जवाहर लाल नेहरू के हिन्दी-चीनी भाई-भाई के साथ पीएम नरेन्द्र मोदी की जापान के साथ सहयोग की पहल सराहनीय है।
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प्रयागराज विश्वविद्यालय के प्रो.रजपाल बुधानिया ने कहा कि सभी विदेश नीति जवाहर लाल नेहरू के विदेश नीति की पृष्ठभूमि पर आधारित है। आज दुनिया में हम परमाणु सम्पन्न हो गये हैं। दुनिया के कई देशों के पास परमाणु क्षमता है और वह पल में दुनिया को खत्म कर सकते हैं लेकिन सभी देश शांति की बात करते हैं क्योंकि वह जानते हैं कि लड़ाई से विनाश होता है विकास नहीं। चीन से विभिन्न मुद्दों को लेकर मतभेद है इसके बाद भी भारत व चीन के बीच व्यापार बढ़ा है। पहले 68 बिलियन डालर का व्यापार होता था अब बढ़ कर 84 बिलियन डालर हो गया है। उन्होंने कहा कि जापान व चीन के बीच भी सीमा विवाद है इसके बाद भी दोनों देशों के बीच 400 बिलियन डालर का व्यापार होता है। विशिष्ट वक्ता प्रो.संजय श्रीवास्तव ने देश की विदेश नीति का उल्लेख करते हुए लाल बहादुर शास्त्री से लेकर अटल बिहारी वाजपेयी व परवेज मुशरफ के आगरा वार्ता का जिक्र किया। संगोष्ठी की अध्यक्षता वीसी प्रो.टीएन सिंह ने की। कार्यक्रम की रूपरेखा संकायाध्यक्ष प्रो.नंदलाल, संचालन डा.सूर्यभान प्रसाद, अतिथियों का स्वागत डा.रेशम लाल व धन्यवाद ज्ञापन विभागाध्यक्ष प्रो.मोहम्मद आरिफ ने किया। इस अवसर पर डा.रामप्रकाश सिंह यादव, राष्ट्रीय संगोष्ठी के सचिव डा.उमाकांत पासवान, डा.विजय कुमार, डा.रवि प्रकाश सिंह आदि लोग उपस्थित थे।
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Published on:
29 Nov 2018, 8:36 PM IST
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