
Reservation Chart
वाराणसी. ट्रेनों के आरक्षित बोगियों में यात्रियों को अब कागज पर आरक्षण सूची देखने को नहीं मिलेगी। क्योंकि इंडियन रेलवे अब अपने पुराने तरीकों को अपग्रेड कर रहा है। रेल प्रशासन ने आरक्षण बोगियों से कागज के चार्ट हटाने का निर्णय लिया है। दरअसल, इंडियन रेलवे भी अब डिजिटल होता जा रहा है। इसलिए कागज की जगह डिजिटल आरक्षण चार्ट सिस्टम कोच पर लगाया जाएगा। कैंट स्टेशन पर इसकी शुरूआत पहली मार्च से होगी। कैंट स्टेशन से परिचालित होने वाली ट्रेनों की आरक्षित बोगियों पर डिजिटल चार्ट लगने लगेगा।
बता दें कि आरक्षण सूची के डिजिटल होने पर यात्री अब कोच पर लगे सिस्टम पर ही अपनी सीट का नंबर देख लेंगे। नई व्यवस्था के तहत कैंट स्टेशन से नई व्यवस्था के तहत कैंट स्टेशन से नई दिल्ली, मुंबई, जयपुर , आनंद बिहार, हावड़ा और सियालदह के बीच चलने वाली ट्रेनों में अगले महीने से आरक्षित बोगियों पर डिजिटल चार्ट लग जाएंगे। इन स्टेशनों से वाराणसी कैंट आने वाली कई ट्रेनों में भी यह सिस्टम लगा होगा। रेलवे ने फैसला किया है कि A, A-1 और B कैटिगरी के रेलवे स्टेशनों पर रिजर्वेशन चार्ट न लगाएं जाएं। अब ट्रेन के रवाना होने से पहले रिजर्वेशन चार्ट से जरिए नहीं, बल्कि प्लाज्मा स्क्रीन के जरिए ही यात्री अपना नाम देख सकेंगे। ये नई व्यवस्था एक मार्च से लागू की जाएगी।
रेलवे का फैसला देश के तीन श्रेणी के रेलवे स्टेशनों पर लागू होना है। बता दें, देश में तीन श्रेणी के करीब 400 स्टेशन हैं। इस श्रेणी में दिल्ली में भी करीब आधा दर्जन स्टेशन हैं। रेलवे द्वारा जारी किए अपने आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस प्रयोग को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और हजरत निजामुद्दीन समेत देश के अलग-अलग शहरों में छह स्टेशनों पर किया गया, इसके बाद रेलवे ने ये फैसला किया कि अब देश के 400 स्टेशनों पर चार्ट चिपकाने का कार्य बंद किया जाए। चार्ट न चिपकाने के बारे में रेलवे के एक अधिकारी का कहना है कि इससे कागज तो बचेगा ही, साथ ही कोच भी गंदे नहीं होंगे। चार्ट की जगह अब स्टेशनों पर अत्याधुनिक प्लाज्मा स्क्रीन लगेंगी, जिस पर यात्रियों के कोच और सीट नंबर आते रहेंगे।
Published on:
21 Feb 2018 08:48 am
