
योगी आदित्यनाथ पर बन रही है फिल्म?
वाराणसी. यूूपी के मु्ख्यमंत्री आदित्यनाथ के जीवन पर फिल्म बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। बीएससी के पढ़ाई छोड़कर उत्तराखंड से गोरखपुर में पहुंचने वाले अजय सिंह विष्ट का शुरूआती जीवन और फिर इसी युवक का संत बनने से लेकर योगी आदित्यनाथ फिर गोरखपुर संसदीय सीट से पांच बार सासंद और यूपी के मुख्यमंत्री बनने तक का सफर इस फिल्म में दिखाया जायेगा। नॉस्ट्रम इंटरटेनमेंट के बैनर तले बनने जा रही फिल्म ‘जिला गोरखपुर’ का फर्स्ट लुक जारी हो चुका है। इस फिल्म के पोस्टर में पीछे की ओर से भगवाधारी एक शख्स खड़ा दिखाई दे रहा है। जिसने अपना हाथ पीछे कर रखा है और हाथ में रिवाल्वर है।
जिला गोरखपुर फिल्म में डायरेक्टर क्या दिखाना चाहता है यह फिल्म रिलीज होने के बाद पता चलेगा। लेकिन जो पोस्टर जारी हुआ है उससे ऐसा लगता है कि फिल्म गोरखपुर के बहु बहुचर्चित ठाकुर ब्राह्मण गैंग पर आधारित है। चर्चा है कि ब्राह्मणों का नेतृत्व गोरखपुर के वीसी रहे आईएस सूरतनरायण मणि त्रिपाठी के हाथ में था दूसरे क्षत्रियो का नेतृत्व गोरखनाथ मंदिर के हाथ में था। संभवत: फिल्म बहुचर्चित इसी आधारित है। हालांकि ये तो चर्चा है लेकिन फिल्म की असली कहनी क्या है ये फिल्म आने के बाद ही पता चल पायेगा।
पोस्टर में जो भगवाधारी संन्यासी का चित्र उकेरा गया है उसके उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसा लुक नजर आने की भी चर्चा है। ऐसा इसलिए क्योंकि सीएम योगी भी सीएम के पहले गोरखपुर के पूर्व सासंद और गोरखनाथ मंदिर के मौजूदा महंत भी हैं। इस फिल्म के पोस्टर में चौंकाने वाली बात यह है कि भगवाधारी शख्स ने हाथ में रिवाल्वर भी लिया हुआ है। पोस्टर में गाय के बछड़े की तस्वीर भी साफ झलक रही है. इस फिल्म को विनोद तिवारी प्रोड्यूस कर रहे हैं।
लुक को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि फिल्म यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की बायोपिक हो सकती है. यूपी के गोरखपुर जिले से संबंध रखने वाले योगी के जन्मभूमि पर हुए सत्य घटना को दिखाने के लिए यह फिल्म लाई जा रही है। पोस्टर में जैसा देखा जा सकता है कि उगते हुए सूरज के सामने खड़े शख्स के आस पास गोरखपुर शहर का एरियल व्यू दिख रहा है।
नॉस्ट्रम इंटरटेनमेंट के अंतर्गत बनने वाली इस फिल्म से पहले एक और फिल्म ‘तेरी भाभी है पगले’ आ चुकी है। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिर पड़ी थी, लेकिन इस बार यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ पर फिल्म होने की वजह से लोगों में इंटरेस्ट देखा जा सकता है।
बता दें, मात्र 26 साल की उम्र में पहली बार संसद पहुंचने वाले योगी आदित्यनाथ की कहानी दिलचस्प है। उत्तराखंड (तत्कालीन उत्तर प्रदेश) के पौड़ी जिले के छोटे से गांव पंचूर के राजपूत परिवार में जन्मे अजय सिंह बिष्ट ने मात्र 22 साल की उम्र में ही सांसारिक मोह माया त्याग कर संन्यासी का जीवन धारण कर लिया और अजय सिंह बिष्ट से नाम बदलकर योगी आदित्यनाथ कर लिया।
इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. गोरखपुर के गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर से यात्रा शुरू हुई। हिंदू युवा वाहिनी बनाई. संसद पहुंचे और आज देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं।
Published on:
28 Jul 2018, 5:03 PM IST
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