राजनीतिक दल नहीं कर रहे विरोध
वोट बैंक के चलते करणी सेना का विरोध करने से राजनीतिक दल बच रहे हैं। बीजेपी पर सबसे अधिक करणी सेना का समर्थन करने का आरोप लग रहा है। सपा, बसपा व कांग्रेस भी सड़क पर उतर कर करणी सेना के खिलाफ मोर्चा खोलने का साहस नहीं दिखाया है इससे साफ हो जाता है कि यह दल भी क्षत्रिय वोटरों को नाराज नहीं करना चाहते हैं। क्षत्रिय समाज की बात की जाये तो उनका वोट कुछ नेताओं व बाहुबलियों को मिलता था लेकिन अब एक और विकल्प बन कर करणी सेना उभरी है। करणी सेना का राजनीतिक क्षेत्र में कितना प्रभाव पड़ता है यह तो समय ही बतायेगा। इतना अवश्य है कि देश में करणी सेना ने अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है।
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