इस चुनाव पर आरएसएस के साथ बीजेपी की भी लगी निगाहे, सपा को मिली जीत तो लगेगा झटका

इस चुनाव पर आरएसएस के साथ बीजेपी की भी लगी निगाहे, सपा को मिली जीत तो लगेगा झटका

Devesh Singh | Publish: Oct, 13 2018 03:51:21 PM (IST) Varanasi, Uttar Pradesh, India

भगवा सेना ने किया है ऐतिहासिक प्रयोग, लोकसभा चुनाव 2019 के पहले माहौल बनाने में मिलेगी मदद

वाराणसी.लोकसभा चुनाव 2019 को देखते हुए छोटे-बड़े सभी चुनावों का महत्व बढ़ गया है। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ छात्रसंघ चुनाव पर आरएसएस व बीजेपी की खास निगाहे लगी है। पीएम नरेन्द्र मोदी का संसदीय क्षेत्र बनारस में इस चुनाव में मिली हार व जीत का आगे असर दिखायी देगा। 14 अक्टूबर की शाम को पता चल जायेगा कि किस प्रत्याशी को जीत मिली है।
यह भी पढ़े:-शिवपाल यादव के करीबी व सपा के पूर्व सांसद व उनके पुत्र को कोर्ट ने किया फरार घोषित

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में एबीवीपी ने आरएसएस की सलाह को नजरअंदाज करके सोशल इंजीनियरिंग को मजबूत करने वाला पैनल बनाया है। एबीवीपी ने अध्यक्ष व पुस्तकालय मंत्री पद पर पिछड़े वर्ग के छात्र को प्रत्याशी बनाया है। जबकि उपाध्यक्ष व महामंत्री पद पर सर्वण प्रत्याशी उतारा है। आरएसएस ने अध्यक्ष पद पर दूसरे छात्र को प्रत्याशी बनाने की सलाह दी थी जो संघ से जुड़ा हुआ था लेकिन एबीवीपी ने परिसर के समीकरण को ध्यान में रखते हुए पैनल का चयन किया है। एबीवीपी का सीधा मुकाबला अखिलेश यादव की सेना समाजवादी छात्रसभा से है। इस लड़ाई में कांग्रेस भी किसी से पीछे नहीं है। फिलहाल लड़ाई एबीवीपी व सपा के बीच ही मानी जा रही है।
यह भी पढ़े:-इसलिए शिवपाल यादव ने पहले बनाया मोर्चा, बाद में किया नयी पार्टी के लिए आवेदन

जीत पर लोकसभा चुनाव में मिलेगा फायदा
सभी दलों को युवाओं के वोट की जरूरत होती है। छात्रसंघ चुनाव का परिणाम बताता है कि युवा किस दल के साथ है। सपा व बीजेपी में से जिसके छात्र संगठन को जीत मिलेगी। वह लोकसभा चुनाव में लाभ लेने की कोशिश करेगी। परिसर में होने वाले छात्रसंघ चुनाव में वोट प्रतिशत पर भी सभी की निगाह रहेगी। नवरात्र में छात्र व छात्रा अपने घर चले जाते हैं। छात्रसंघ चुनाव में किसी छात्रा के प्रत्याशी नहीं होने से भी वोटिंग प्रतिशत प्रभावित हो सकती है।
यह भी पढ़े:-इन बाहुबलियों के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे राजा भैया के प्रत्याशी तो आ जायेगा भूचाल

Ad Block is Banned