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देश की आजादी के बाद पहली बार मिलेगी वाटर हाइवे की सौगात, इतिहास रचने के साथ मास्टर स्ट्रोक खेलेंगे पीएम नरेन्द्र मोदी

1982 से घोषित थी योजना, पहले की सरकारों ने बनायी थी योजना, जमीन पर उतराने में रही असफल
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वाराणसी

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Devesh Singh

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Updated: 12 Nov 2018, 12:23 PM IST

PM Narendra Modi

PM Narendra Modi

वाराणसी. पीएम नरेन्द्र मोदी सोमवार को इतिहास रचने जा रहे हैं। आजादी के बाद देश को पहली बार यह सौगात मिलने जा रही हैं। इतिहास रचने के साथ ही पीएम नरेन्द्र मोदी बड़ा मास्टर स्ट्रोक खेलने जा रहे हैं। लोकसभा चुनाव 2019 में भी इसका बड़ा प्रभाव पडऩा तय है। पीएम मोदी अपनी सौगात को अस्त्र बना कर विरोधी दलों के चक्रव्यूह को भेदने में जुट जायेंगे।
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पीएम नरेन्द्र मोदी सोमवार को रामनगर में मल्टी मॉडल टर्मिनल के प्रथम चरण का उद्घाटन करेंगे। यह देश का पहला वाटर हाइवे है देश के अन्य किसी हिस्से में इस तरह का वाटर हाइवे नहीं बना है। इस योजना की परिकल्पना 1982 में की गयी थी उस समय चार वाटर हाइवे बनाने की तैयारी थी जिसमे हल्दिया (पश्चिम बंगाल) से बनारस के बीच गंगा नदी में बड़े मालवाहक जहाज चलाना था लेकिन यह योजना फाइल से निकल नहीं पायी। 2003 में योजना को फिर से जिंदा करने की कोशिश की गयी थी और हल्दिया से बनारस के बीच ट्रायल असफल हो जाने के चलते सारा मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। बनारस से सांसद व देश का पीएम बनने के बाद नरेन्द्र मोदी ने इस योजना को अमलीजामा पहनाने की तैयारी की थी और जिम्मेदारी केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को सौंपी थी और मंत्री नितिन गडकरी ने रेकॉर्ड समय में जल परिवहन को जमीन पर उतार दिया। पीएम नरेन्द्र मोदी इस योजना का उद्घाटन करके अपना नाम इतिहास में दर्ज करा लेंगे। आजाद भारत में अब वाटर हाइवे की शुरूआत होने वाली है जो रोजगार के साथ परिवहन के लिए भी बड़ी उपलब्धि होने वाली है।
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IMAGE CREDIT: Patrika

तीन गुना सस्ती होगी ढुलाई, एक जहाज में 40 ट्रक बराबर माल लाद का जहाज पहुंचा
पीएम नरेन्द्र मोदी सरकार के लिए वाटर हाइवे को गेम चेंजर साबित होने वाला है। सड़क व रेल की तुलना में जल परिवहन तीन गुना सस्ता होगा। हल्दिया से पेप्सिको के उत्पाद को लेकर कार्गो कंटेनर (टैगोर) आठ दिन में बनारस पहुंचा है। गंगा में कई जगहों पर डेजिंग होनी है इसलिए अभी 500टन भारी मालवाहक जहाज पहुंचा है। एक ट्रक पर 15 टन जहाज लादा जाये तो इस अनुसार मालवाहक में कुल 40 ट्रक के बराबर सामान लेकर आया है इससे सड़क पर भी बड़े वाहनों का लोड कम होगा। नेशलन हाइवे पर प्रति मीट्रिकन टन की ढुलाई 2.80 रुपये में होती है जबकि रेलवे में इतने भार का 1.41 रुपये किराया लगता है और वाटर हाइवे से 1.19 रुपये पड़ेगा। माल ढुलाई सस्ती होने से व्यापरियों के साथ आम नागरिको को सस्ते दर पर सामान उपलब्ध कराना आसान होगा।
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गंगा का प्रदूषण रोकने की भी योजना
गंगा नदी में जल परिवहन से प्रदूषण हो सकता है इसको लेकर प्रबुद्ध वर्ग ने चिंता भी जतायी थी जल परिवहन का अभी प्रथम चरण आरंभ हुआ है और द्वितीय चरण पर काम शुरू हो गया है जल्द ही जल परिवहन में पीएनजी व सीएनजी जहाज ही चलेंगे। इससे गंगा में प्रदूषण नहीं होगा।
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बनारस से बांग्लादेश तक हो सकेगा सफर
गंगा में जलपरिवहन के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बड़े-बड़े क्रूज चल रहे हैं जल्द ही बनारस से बांग्लादेश तक का सफर गंगा के जरिए ही होगा। कुंभ के पहले ही बनारस से इलाहाबाद जाने की सौगात मिलने वाली है। पूर्वांचल के लिए पहले ही गंगा पर्यटन का बड़ा साधन थी और जल्द ही आय बढ़ाने का सबसे बड़ा साधन होने वाली है।
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जल परिवहन के साथ पीएम मोदी खेलेंगे मास्टर स्ट्रोक
पीएम नरेन्द्र मोदी जल परिवहन के जरिए बड़ा मास्टर स्ट्रोक खेलेंगे। पीएम मोदी ने जिस न्यूज इंडिया की बात कही है वह जल परिवहन के साथ जमीन पर उतराने के लिए जुट गये हैं। हल्दिया से बनारस के बीच लगभग 50 संसदीय सीट है जहां से यह योजना गुजर रही है इन जगहों पर रोजगार में वृद्धि होगी और व्यापार अधिक सुगम होगा। इससे लोकसभा चुनाव 2019 में अखिलेश् यादव, राहुल गांधी व मायावती के संभावित महागठबंधन से बीजेपी को चुनावी लडऩे में आसानी होगी।
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