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काशी नरेश के परिवार में मचा घमासान, कुंवर ने राजचिह्न के प्रयोग पर राजकुमारी के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा

परिवार में चल रहा हे संपत्ति बंटवारे का विवाद, एडीजी के निर्देश पर रामनगर थाने में विभिन्न धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
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वाराणसी

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Devesh Singh

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Updated: 24 Aug 2018, 12:56 PM IST

Ramnager Fort

Ramnager Fort

वाराणसी. पूर्व काशी नरेश डा.विभूति नारायण सिंह के परिवार में घमासान मच गया है। पूर्व काशी नरेश की पुत्री राजकुमारी हरिप्रिया को परिवार में शादी के कार्ड पर राजचिह्न का प्रयोग करना भारी पड़ गया है। कुंवर अनंत नारायण सिंह ने इस मामले की शिकायत एडीजी जोन पीवी रामाशास्त्री से की। इसके बाद एडीजी के निर्देश पर रामनगर थाने में राजकुमारी हरिप्रिया के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज हो गया है।
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पूर्व काशी नरेश डा.विभूति नारायण सिंह के पुत्र कुंवर अनंत नारायण सिंह के पॉवर ऑफ अटार्नी संभाल रहे आरसी श्रीवास्तव की तहरीर पर ही थाने में मुकदमा पंजीकृत हुआ है। पूर्व काशी नरेश की पुत्री राजकुमारी हरिप्रिया की शादी उपेन्द्र कुमार से हुई थी जो नई दिल्ली के सफदरगंज इन्क्लेव के निवासी है। हरिप्रिया रामनगर स्थित किले में ही रहती है। हरिप्रिया के ससुराल में कुछ दिन पहले शादी हुई थी। आरोप है कि शादी के कार्ड में राजचिह्न का प्रयोग किया गया था। कुंवर अनंत नारायण सिंह को जब इस बात की जानकारी हुई थी तो उन्होंने आपत्ति की थी। इसके बाद एडीजी जोन से शिकायत करने पर सीओ कोतवाली ब्रजनंदन राय को मामले की जांच सौंपी गयी थी। जांच के बाद ही रामनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। चर्चा है कि काशी नरेश के बेटे व बेटी के बीच संपत्ति बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा है जिसके चलते परिवार में मतभेद हो गया है। तहरीर के मुताबिक राजपरिवार का राजकीय प्रतीक चिह्न बहुत ऐतिहासिक है जो ट्रेड मार्क अधिकनियम १९९९ के तहत रजिस्टर्ड है इसका उपयोग सिर्फ कुंवर अनंत नारायण सिंह ही कर सकते हैं जबकि राजकुमारी हरिप्रिया ने अपने बेटे की शादी के कार्ड में राजचिह्न का प्रयोग किया था जिसके खिलाफ ही मुकदमा दर्ज हुआ है। आरसी श्रीवास्तव का कहना है कि राज परिवार का प्रतीक चिह्न केवल कंवर अनंत नारायण सिंह ही प्रयोग कर सकते हैं। राजकुमार हरिप्रिया का विवाह हो जाने के बाद राज परिवार का प्रतीक चिह्न का प्रयोग करना परिवार की परंपरा के विरुद्ध है। दूसरी तरफ राजकुमारी कृष्णाप्रिया का कहना है कि पूर्व काशी नरेश की पुत्री होने के नाते राजचिह्न का प्रयोग करने का अधिकार है। राजकुमारी हरिप्रिया ने प्रतीक चिह्न का सही प्रयोग किया है इस मामले में अधिवक्ता से राय लेकर आगे की कार्रवाई की जायेगी।
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बेहद सम्मानित है काशी नरेश का परिवार
बनारस के लोगों के लिए काशी नरेश का परिवार बेहद सम्मानित है। पूर्व परंपरा के अनुसार प्रमुख पर्व पर कुंवर की सवारी निकलती है ओर जनता उसी तरह सम्मान भी करती है। रामनगर का किला भी बहुत प्रसिद्ध है जिसे देखने के लिए देश व विदेश से लोग आते हैं। आधा से अधिक बनारस शहर काशी नरेश की जमीन पर ही बसा हुआ है। अभी भी काशी नरेश परिवार को इतनी संपत्ति है जितनी अन्य किसी के पास नहीं होगी।
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