
श्री काशी विश्वनाथ धाम
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
वाराणसी. श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के सेवादारों और सुरक्षाकर्मियों को मिले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सौगात के बाद अब श्रद्धालुओं की बारी है। इस कड़कड़ाती ठंड में विशाल मंदिर परिसर में अब कोई भी नंगे पांव नहीं घूमेगा। इसके लिए खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग ने बड़ी पहल की है।
दो दिन पहले ही सेवादारों व सुरक्षाकर्मियों को मिला था जूट का जूता
बता दें कि दो दिन पहले ही श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के सेवादारों और सुरक्षाकर्मियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जूट से बने इको फ्रेंडली जूते दिल्ली से भिजवाया था। कमिश्नर दीपक अग्रवाल और पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश ने जूट के जूते सेवादारों और सुरक्षाकर्मियों के बीच वितरित किया था।
अब बाबा के भक्तो की बारी
अब श्री काशी विश्वनाथ मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को इस ठंड में नंगे पांव मंदिर परिसर में चलने से बचाने का इंतजाम किया जा रहा है। इसके लिए खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने पहल की है। योजना के मुताबिक बाबा के भक्तों व अन्य कर्मचारियों के लिए हाथ से बनी कागज की चप्पले (स्लिपर) उपलब्ध कराने का निर्णय किया है।
एमएसएमई की पहल
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय ने यह जानकारी दी। ये चप्पलें काशी विश्वनाथ धाम स्थित खादी की दुकानों पर उपलब्ध होंगे। बताया जा रहा है कि मकर संक्रांति (14 जनवरी) से ये हस्तनिर्मित कागज की चप्पलों की बिक्री शुरू होगी। ये चप्पलें ‘यूज एंड थ्रो’ होंगी। मंत्रालय ने कहा है कि ये चप्पलें पर्यावरण के अनुकूल हैं और कम कीमत पर उपलब्ध होंगी।
Updated on:
11 Jan 2022, 1:44 PM IST
Published on:
11 Jan 2022, 1:44 PM IST
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