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150 से अधिक कालेजों की संबद्धता पर मंडराया खतरा, नोटिस देने का निर्देश

शिक्षकों की नियुक्ति में खेल पड़ सकता है भारी, विश्वविद्यालय प्रशासन उठाने जा रहा कड़ा कदम
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वाराणसी

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Devesh Singh

•

Updated: 7 Aug 2018, 7:45 PM IST

Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith

Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith

वाराणसी. महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से संबद्ध कालेजों में शिक्षकों की नियुक्ति में जमकर खेल हुआ है। कॉलेज प्रशासन ने अर्हता पूरी करने के लिए कागज पर शिक्षकों की तैनाती कर दी है जबकि वास्तविकता में निर्धारित संख्या में टीचर नहीं है। विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार पत्र भेज कर कॉलेजों से शिक्षकों का ब्यौरा मांग रहा है लेकिन अभी तक ब्यौरा नहीं मिला है। इसके चलते अब कॉलेजों पर सख्ती करने की तैयारी है। संबद्धता समाप्त करने के लिए कॉलेज को नोटिस भेजने का निर्देश दिया गया है। ऐसे कॉलेजों की संख्या 150 से अधिक है।
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शासन ने शिक्षक व छात्रों के अनुपात को निर्धारित किया है। शासन के निर्देश का पालन करने की जिम्मेदारी विश्वविद्यालयों को सौंपी है। काशी विद्यापीठ से संबद्ध पांच जिलों में कुल ३२४ कॉलेज है। विश्वविद्यालय के संबद्धता विभाग में संबद्ध कॉलेजों के शिक्षकों का पूरा ब्यौरा रहता है। पिछले कुछ माह से संबद्धता विभाग लगातार पत्र लिख कर संबद्ध कॉलेजों से शिक्षकों का ब्यौरा मांग रहा है लेकिन 150 से अधिक कॉलेज प्रशासन ने ब्यौरा उपलब्ध नहीं कराया है जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त कदम उठाने की तैयारी की है। शिक्षकों का ब्यौरा नहीं देने वाले कॉलेजों की संबद्धता खत्म करने के लिए नोटिस भेजी जा रही है। कॉलेज प्रशासन को जवाब देने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है यदि विश्वविद्यालय प्रशासन जवाब से संतुष्ट नहीं होता है तो कॉलेज की संबद्धता जानी तय है।
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ऐसे होता है खेल
संबद्ध कॉलेज प्रशासन कमाई के लिए कागज पर ही निर्धारित संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति करते हैं। कागजी कोरम पूरा हो जाता है जाने के बाद एक ही अध्यापक से कई कक्षाओं को पढ़ाया जाता है। कुछ कॉलेज संचालक तो ऐसे हैं जो एक ही शिक्षक को कई जगह पर कार्यरत दिखा देते हैं। कुछ कॉलेज संचालक के यहां पर शिक्षक तैनात होते हैं लेकिन कुछ दिन पढ़ाने के बाद कम पैसों के चलते नौकरी छोड़ देते हैं। संबद्ध कॉलेजों में इतना कम पैसा मिलता है कि दूसरे शिक्षक नहीं मिलते है, जिसके चलते वहां पर मानक पूरा नहीं हो पाता है।
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मानक नहीं पूरा करने वाले कॉलेजों की जायेगी संबद्धता
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलसचिव डा.साहब लाल मौर्या ने कहा कि शिक्षकों का ब्यौरा नहीं देने वाले कॉलेजों को नोटिस भेजी जा रही है यदि जवाब संतोषजनक नहीं होता तो संबद्धता चली जायेगी। वाइसचांसलर का साफ निर्देश है कि नियमों का पालन नहीं करने वाले कॉलेजों पर सख्त कार्रवाई की जाये।
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